अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर चलाया जाएगा महाभियोग

अमेरिकी संसद में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है । अमेरिका के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की स्पीकर है  नैंसी पालोस । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाये जाने की घोषणा प्रतिनिधि सभा की स्पीकर ने की । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  पर महाभियोग चलाने के पीछे वजह यह है कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लोदिमीर जेलेन्सकी पर  दबाव बनाया था कि वह डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी जो बार्डन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू करें । वही डोनाल्ड ट्रम्प से इस आरोप से साफ इनकार किया है ।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग की प्रक्रिया यूक्रेन के राष्ट्रपति से फ़ोन पर बातचीत के बाद चलाई जा रही । अमेरिका के वाइट हाउस द्वारा  दोनों देश के राष्ट्रपति के बीच हुई बातचीत की डिटेल्स को सार्वजनिक कर दिया गया है और उसी के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई । इस बातचीत में 25 जुलाई को डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार जो गार्डन और उनके बेटे पर यूक्रेन की एक गैस कंपनी में काम करने वाले उनके बेटे के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए कहा था । दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच हुई इस बातचीत को व्हीसल ब्लोअर की शिकायत के बाद व्हाइट हाउस द्वारा सार्वजनिक कर दिया गया ।

अमेरिका में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी तीसरी शख्सियत स्पीकर होता है । मालूम है कि अमेरिका की संधि सरकार में भारत की तरह ही दो सदनीय व्यवस्था है । अमेरिका में संसद को कांग्रेस कहते हैं । कांग्रेस के दो सदन सीनेट और प्रतिनिधि सभा होती है । अमेरिकी संविधान के अनुसार यदि प्रतिनिधि सभा में बहुमत है तो महाभियोग चलाया जा सकता है । अमेरिका में महाभियोग की प्रक्रिया किसी पर भी  चलाई जाती है यदि उस पर देशद्रोह, घूस लेने या फिर किसी बड़े अपराध में शामिल होने का शक है । महाभियोग चलाने के लिए सदन की न्यायिक समिति इन आरोपों की जांच करती है और उसके बाद आरोप तय किए जाते हैं ।

उसके बाद उस आर्टिकल पर सदन में वोटिंग होती है ।यदि आरोप के पक्ष में वोट होते हैं तो फिर इस आर्टिकल को सीनेट को सौंप दिया जाता है । सीनेट एक तरफ से कोर्ट की तरह से काम करता है और वहां पर अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश की सीनेट की अध्यक्षता करते हैं । महाभियोग प्रक्रिया के दौरान आरोपी पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अधिकार होता है । सुनवाई पूरी होने के बाद उस पर वोटिंग होती है और यदि दो तिहाई सदस्य आरोपी को दोषी मानते हैं उसका आरोप सिद्ध माना जाता है और उसे सीनेट द्वारा सजा दी जाती है ।