आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बॉट्स इंसानों जैसा करने लगे हैं व्यवहार

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वेस्ट मंडे जनरल में प्रकाशित अध्ययन में साउथर्न कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 2018 और उसके पहले के चुनाव में बॉट्स के व्यवहार की तुलना की है । शोधकर्ताओं ने बताया है कि सोशल मीडिया साइट्स जैसे कि फेसबुक, ट्विटर आदि पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बॉट्स या फेक अकाउंट  काफी ज्यादा विकसित हो गए हैं और वे अब इंसानों के जैसे ही व्यवहार भी करने लगे हैं । शोध करने वाली टीम में भारतीय मूल के शोधकर्ता भी शामिल है ।

इस अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके विचार से बॉट्स और डिटेक्शन गेदरेज के बीच जैसे कोई दौड़ चल रही है । दरअसल डिटेक्शन एल्गोरिथम उसे कहा जाता है जो किसी बॉट्स से अनाधिकृत तौर से उनको इंटरनेट पर एक्सेस करने से रोकती है । जैसे की कैप्चा कोड, लेकिन जैसे-जैसे सोशल मीडिया कंपनियां अपनी वेबसाइट में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने से बचने के लिए तकनीक का सहारा लेती जा रही है वैसे-वैसे ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित बॉट्स भी मनुष्य की तरह व्यवहार करने लगे हैं या फिर उनकी नकल करने के लिए विकसित होते जा रहे हैं । इस अध्ययन में शामिल एमिलियो फेरारा के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बॉट्स, एक तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करने से और अधिक विकसित बन रहे हैं ।

दरअसल शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में सोशल मीडिया के ढाई लाख उपयोगकर्ताओं का अध्ययन किया जिन्होंने 2016 से 2018 में अमेरिकी चुनाव पर चर्चा की थी । इस दौरान शोधकर्ताओं को पता चला है कि इसमें लगभग तीस हजार से भी अधिक बॉट्स मिले । उदाहरण के लिए बॉट्स किसी भी ट्वीट को  रिट्वीट करते हैं । शोधकर्ताओं की मानें तो बॉट्स आने वाले समय मे भिन्न तरीके से आने वाले चुनाव में नई चुनौतियां पेश कर सकते हैं इसलिए इनसे निपटना जितना जरूरी है उतना ही मुश्किल भी है ।

दरअसल बाट्स सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन होते हैं, जो इंटरनेट पर स्वचालित कार्यो  को करते हैं जैसे कि  फेसब पर हम देखते हैं कि सोशल मीडिया उनके जन्मदिन पर बधाई देने वालों के पास अपनी तरफ से ही अगर धन्यवाद संदेश पहुंचा जाए तो इसका मतलब यह है हुआ कि किसी विशेष सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन को बनाकर यह किया गया  है क्योंकि अप्लीकेशन बधाई का मैसेज देखते ही उन्हें धन्यवाद का मैसेज दे देता है और यही बॉट्स जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित हो जाते हैं तो ये आम इंसान की तरह ही व्यवहार करने लगते है ।

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