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Tuesday, March 2, 2021

कैरी लैम ने प्रत्यर्पण बिल वापस लेने की घोषणा की

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पिछले कुछ महीनों से हांगकांग में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे । विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह थी  प्रत्यर्पण बिल   । अब हांगकांग  क नेता कैरी लैम, जिन्होंने प्रत्यर्पण दिल को पेश किया था उन्होंने किस प्रत्यर्पण को वापस लेने का फैसला विरोध प्रदर्शन के चलते किया है  । पहले उन्होंने इसे वापस लेने से इंकार कर दिया था और इसके विरोध में महीनों से विरोध प्रदर्शन के साथ हिंसक घटनाएं होने लगी थी और अंत में शांति कायम करने के लिए कैरी लैम ने  प्रत्यर्पण बिल को वापस लेने का ऐलान किया है,अपने ऑफिस से जारी किए गए एक वीडियो के माध्यम से उन्होंने बयान दिया है कि “जनता की मांग को देखते हुए सरकार आधिकारिक तौर पर विदेश को वापस ले लेगी “ ।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की माने तो कैरी प्रत्यर्पण बिल के विरोध के कारण की पहचान के लिए जांच आयोग का गठन करेंगे । हालांकि प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताते हुए मांग की थी कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जो भी कार्यवाही की है उसकी जांच के लिए एक आयोग का गठन किया जाए और जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं उन्हें रिहा कर दिया जाए और इस घटना को दंगे के तौर पर न समझा जाए बल्कि इसे एक विरोध समझा जाए और शहर में राजनीतिक सुधार प्रक्रिया को शुरू दिया जाए । प्रत्यारोपण बिल के विरोध में हांगकांग की सड़कों पर जून से ही विरोध प्रदर्शन हो रहे  । होंगकांग करीब 150 सालों तक ब्रिटेन का उपनिवेश रहा है उसके बाद एक संधि के माध्यम से 1997 में उसे चीन को सौंप दिया गया और इसे चीन का विशेष प्रशासनिक क्षेत्र बना दिया गया ।

प्रत्यारोपण  बिल में प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति चीन में अपराध करता है तो उसे जांच के लिए चीन प्रत्यारोपित किया जा सकेगा और इसके पहले ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं था कि अपराध करने वाले को अन्य देश में प्रत्यर्पित किया जाए । इस बिल को संशोधित करके कई देशों के साथ प्रत्यारोपण के लिए की गई है । कैरी ने हांगकांग के प्रमुख नेता है और इन्हीं चीन के समर्थक के तौर पर भी जाना जाता है और इन्होंने ही इस बिल का समर्थन किया था और कहा था कि कोई भी अपराधी किसी भी कीमत पर छूटना नहीं चाहिए । हाल के कुछ दिनों में बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए  पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पेट्रोल बम, आंसू गैस, रबर बुलेट आदि का इस्तेमाल करने लगे थे जिससे यह विरोध प्रदर्शन हिंसक होता जा रहा था ।

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