बुखार के अलावा कब और किस वजह से बढ़ता है शरीर का तापमान

सामान्यता इंसान के शरीर का तापमान 98.6 फारेनहाइट होता है । जब शरीर के तापमान में गिरावट या बढ़ोत्तरी होती तो यह हमारे स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ बताती है । कभी कभार हमारे शरीर का तापमान 97.8 से 99 फारेनहाइट तक होता है ।

शरीर के तापमान को निर्धारित करने में पर्यावरनीय कारक, स्वास्थ्य संबंधी कारक जिम्मेदार होते है । अधिक एक्सरसाइज करने से भी शरीर का तापमान बढ़ जाता है इसके अलावा उम्र के अनुसार भी शरीर का तापमान बदलता है ।

ध्यान रहे नवजात शिशु के शरीर के तापमान बड़ो की तुलना में अधिक होता है । हम सब को इस बात की जानकारी होनो चाहिए कि किन वजह से शरीर के तापमान में बदलाव आते रहते है ।

इन्ही बातो को चलिए आगे जानते है : –

धूम्रपान करने से बढ़ता है :- शरीर का तापमान जब धूम्रपान से बढ़ता है । जब धूम्रपान किया जाता है तो उससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है क्योंकि सिगरेट आदि धुंए जब फेफड़े में प्रवेश करता है तो उन्हें वह गर्म कर देता है और गर्मी के कारण फेफड़े अपने नियमित कामकाज को पूरा सही ढंग से नहीं कर पाते हैं । हालांकि सिगरेट आदि की वजह से होने वाली तापमान में वृद्धि अस्थाई या फिर अल्पकालिक होती है और कुछ समय बाद फिर से शरीर का तापमान बदल के सामान्य हो जाता है ।

लाल मिर्च  खाने से भी शरीर का तापमान बढ़ता है। बहुत सारे लोग स्वाद के लिए अपने भोजन में लाल मिर्च का इस्तेमाल करते हैं । लेकिन लोग यह नहीं जानते हैं कि लाल मिर्च शरीर के तापमान को प्रभावित करती है । एक शोध से इस बात का पता चला है कि लाल मिर्च शरीर के तापमान को अस्थाई रूप से बढ़ा देती है । जिससे शरीर के अंग का काम करना प्रभावित होता है ।

 नींद भी शरीर के तापमान को प्रभावित करती है। हमारी नींद का सीधा संबंध हमारे स्वास्थ्य से होता है और नींद शरीर के तापमान को अक्सर प्रभावित करती है । जब त्वचा शांत होती है तब एक व्यक्ति बेहतर नींद लेता है । लेकिन जब ऐसा नहीं होता है तो शरीर का तापमान प्रभावित होती है । एक शोध से यह निष्कर्ष निकला है कि शरीर के तापमान और नींद दोनों के बीच संबंध होता है । हालांकि जब शरीर का तापमान बहुत अधिक होता है तो यह अक्सर नींद को बाधित कर देता है ।

महिला और पुरुष के शरीर के तापमान अलग होते हैं । शरीर का तापमान भी जेंडर से प्रभावित होता है । एक शोध में यह निष्कर्ष निकला की पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ठंड लगने की संभावना अधिक होती है और इस वजह से गर्म और ठंडा सहन करने की शक्ति बदलती रहती है । कई बार महिलाओं के हाथ,पैर, नाक पुरुषों की तुलना में तेजी से ठंडे होते हैं ।

उम्र से शरीर का तापमान प्रभावित होता है । एक शोध कहता है कि उम्र शरीर के तापमान को प्रभावित करती है । जैसे जैसे इंसान बुढा हो जाता है शरीर का तापमान सामान्य से कम होने लगता है । एक अध्ययन में कहा गया है कि वृद्ध व्यक्ति के बुखार को मापने के दौरान इस बात का ध्यान रखना जरूरी होता है कि शरीर का तापमान एक सामान्य स्थिति में रहे ।

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