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Friday, March 5, 2021

लिथियम आयन बैटरी के विकास के लिए तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से रसायन का पुरस्कार

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रसायन शास्त्र यानी केमिस्ट्री के क्षेत्र के लिए इस साल के नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है । स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम के रहने वाले जान बे गुडइनफ, एम स्टैनली विटिंगहम और अकीरा योसिनो को  संयुक्त रूप से इस साल का रसायन का पुरस्कार दिया जाएगा । इन तीनों वैज्ञानिकों को लिथियम आयन बैटरी को विकसित करने के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा । इस संदर्भ में नोबेल पुरस्कार की घोषणा करने वाली समिति ने कहा है कि ‘लिथियम आयन बैटरी हमारे जीवन में क्रांति ला दी है और इसका उपयोग मोबाइल फोन से लेकर लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों तक में किया जाने लगा है’।

समिति ने यह भी कहा है कि अपने काम के माध्यम से इस साल के रसायन विज्ञान लरेट्स एक वायरलेस जीवाश्म ईंधन मुक्त समाज की नींव रखी है । मालूम हो कि रसायन शास्त्र के विजेताओं की घोषणा स्टॉकहोम में बुधवार को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के महासचिव ने की । नोबेल पुरस्कार को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान कहा जाता है । नोबेल पुरस्कार वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर दिया जाता है । अल्फ्रेड नोबेल ने डायनामाइट की खोज की थी और डायनामाइट के माध्यम से दुनिया में शांति लाने की बात भी कही थी ।

अलफ्रेंड नोबेल ने अपनी खोज डायनामाइट के संदर्भ में कहा था कि ‘मेरा डायनामाइट दुनिया में शांति के लिए होने वाले हजारों सम्मेलन से भी जल्दी शांति ला देगा’ । नोबेल पुरस्कार हर साल उन लोगों और संस्थाओं को दिया जाता है जो लोग शांति, साहित्य, भौतिक, केमिस्ट्री, मेडिसिन और अर्थशास्त्र में अपना विशेष योगदान देते हैं । मालूम हो कि नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पहली बार 1901 में की गई । तब सिर्फ भौतिक, रसायन, मेडिसिन,साहित्य तथा शांति के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिया जाता था और 1969 से अर्थशास्त्र के क्षेत्र में भी योगदान देने के लिए नोबेल पुरस्कार दिए जाने लगा ।

अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी वसीयत में लिखा था कि उनके रिश्तेदारों को पैसा देने के बाद जो पैसा शेष बचे उससे एक निधि की स्थापना की जाए और  इन पैसों से मिलने वाली ब्याज से उन लोगों को पुरस्कार दिया जाए जिन्होंने मानव जाति के लिए अपनी सेवाएं दी है । इसके लिए नोबेल फाउंडेशन की स्थापना 1900 में की गई थी और नोबेल पुरस्कार के प्रशासन का कार्य नोबेल फाउंडेशन ही देखता है ।

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