9 C
Delhi
Monday, January 25, 2021

भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी को दो अन्य लोगों के साथ संयुक्त रूप से इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार मिला

Must read

आइए जानते हैं भारतीय संविधान की मूल प्रति क्यों रखी गई है गैस चेंबर में

26 जनवरी 2021 को भारत अपना 72 वाँ Republic Day ( गणतंत्र दिवस ) मनाने जा रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत...

खांसी की समस्या को दूर करने के लिए इस तरह भाप में संतरा पका कर खाएं

खांसी की समस्या सर्दी के मौसम में बच्चे, बूढ़े, बड़े सब को परेशान करती है। लगातार खांसी की वजह से गले में दर्द और...

चाय बनाने के बाद इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती से बनाए इस तरह बेहतरीन खाद Compost

भारत के लोग Tea पीने के बहुत शौकीन होते हैं। हर दिन हर घर में कम से कम एक बार चाय तो जरूर ही...

आइए जानते हैं सड़कों पर क्यों बनाई जाती है सफेद और पीले रंग की लाइन

हम सब ज्यादातर सड़क मार्ग से ही सफर करते हैं इसलिए ज्यादातर लोगों ने सड़क पर सफेद और पीले रंग की पार्टियों को देखा...

इकोनॉमिक्स के क्षेत्र के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है । इस साल भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी को दो अन्य लोगों के साथ संयुक्त रूप से इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया जाएगा । वर्तमान में  अभिजीत बनर्जी के पास अमेरिका की नागरिकता है । अभिजीत बनर्जी,एस्थर डुफ्लो, और माइकल क्रेमर को  नोबेल पुरस्कार प्रदान किया जाएगा । इस साल का नोबेल पुरस्कार वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रयोगात्मक प्रयोगों के लिए तीनों अर्थशास्त्री को संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा । इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा रॉयल स्वीडिश अकैडमी आफ साइंसेज ने की है । मालूम हो इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में मिलने वाले इस नोबल पुरस्कार को बैंक आफ स्वीडन प्राइज इन इकोनॉमिक साइंसेज  इन मेमोरी आफ अल्फ्रेड नोबेल के नाम से आधिकारिक तौर पर जाना जाता है ।

क्योंकि इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में दिया जाने वाला यह पुरस्कार नोबेल संस्थापक द्वारा नहीं बनाया गया था लेकिन इसे नोबेल पुरस्कार का हिस्सा माना जाता है । नोबेल पुरस्कार प्रदान करने वाली एकेडमी ने अपने बयान में कहा है कि “इन्होंने वैश्विक गरीबी से लड़ने के सर्वोत्तम तरीकों को लेकर एक विश्वासनीय और नया दृष्टिकोण पेश किया है” । नोबेल समिति आगे कहा कि “इस साल के पुरस्कार विजेताओं द्वारा किए गए शोध से वैश्विक गरीबी से लड़ने की हमारी क्षमता में काफी सुधार हुआ है, केवल दो दशकों में उनके नए प्रयोग पर आधारित दृष्टिकोण नें विकास अर्थशास्त्र को बदल दिया है । अब यह अनुसंधान का एक समृद्ध क्षेत्र है ।

बता दे कि अभिजीत बनर्जी का जन्म कोलकाता में हुआ था । उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और हावर्ड विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा ली है । अभिजीत बनर्जी  को 1988 में पीएचडी की उपाधि मिली थी और वर्तमान में अभिजीत बनर्जी मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी इकोनॉमिक्स के फोर्ड फाउंडेशन  इंटरनेशनल प्रोफेसर है ।

मालूम हो कि अभिजीत बनर्जी ने डुफ्ला और सेंथिल मुलैनाथान के साथ मिलकर अब्दुल लतीफ जमील गरीबी  एक्शन लैब J-PPAL की स्थापना की थी । अभिजीत बनर्जी संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद पर 2015 विकास एजेंडा पर उच्चस्तरीय पैनल में भी काम किया है । मालूम हो कि इकोनॉमिक्स के विषय में नोबेल पुरस्कार देने की शुरुआत 1968 से हुई ।  इसे स्वीडिश केन्द्रीय बैंक रिक्स बैंक द्वारा शुरू किया गया था ।

- Advertisement -corhaz 3

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -corhaz 300

Latest article

आइए जानते हैं भारतीय संविधान की मूल प्रति क्यों रखी गई है गैस चेंबर में

26 जनवरी 2021 को भारत अपना 72 वाँ Republic Day ( गणतंत्र दिवस ) मनाने जा रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत...

खांसी की समस्या को दूर करने के लिए इस तरह भाप में संतरा पका कर खाएं

खांसी की समस्या सर्दी के मौसम में बच्चे, बूढ़े, बड़े सब को परेशान करती है। लगातार खांसी की वजह से गले में दर्द और...

चाय बनाने के बाद इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती से बनाए इस तरह बेहतरीन खाद Compost

भारत के लोग Tea पीने के बहुत शौकीन होते हैं। हर दिन हर घर में कम से कम एक बार चाय तो जरूर ही...

आइए जानते हैं सड़कों पर क्यों बनाई जाती है सफेद और पीले रंग की लाइन

हम सब ज्यादातर सड़क मार्ग से ही सफर करते हैं इसलिए ज्यादातर लोगों ने सड़क पर सफेद और पीले रंग की पार्टियों को देखा...

आंखों की थकावट और सूजन को दूर करने के लिए अपनाएं ये तरीके

जब बहुत ज्यादा देर तक जब सोने के बाद सुबह सो कर उठे हैं तो अक्सर हमारी आंखें सूजी हुई और थकी हुई नजर...