राजनीति

अगले सप्ताह जम्मू कश्मीर में शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा

केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अगले सप्ताह जम्मू कश्मीर में शांति बनाए रखना केंद्र सरकार के लिए चुनौती पूर्ण होगा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सभी देशों की नजर जम्मू कश्मीर की शांति व्यवस्था पर है केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए वहां पर सुरक्षाबलों की संख्या को बढ़ा दिया गया और साथ ही साथ उन्हें एलर्ट कर दिया गया था सेना की टुकड़ियाँ सड़कों पर गश्त कर रही हैं

घाटी में स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश लगातार जारी है लेकिन आने वाला सप्ताह सरकार के लिए चुनौती पूर्ण हो सकता है क्योंकि 12 अगस्त को बक़रीद है बक़रीद को बड़ी ईद भी कहा जाता है बक़रीद इस्लामिक कैलेंडर में जु अल हज्जा महीने की दसवीं तारीख को मनाई जाती है तो ऐसी संभावना है कि इस दिन बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकलेंगे इसलिए इस त्योहार  को शांतिपूर्वक निपट जाने देना सरकार के लिए चुनौती भरा है वहीं सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में धारा 144 में या तो छूट दी जा रही है या फिर उन्हें कुछ क्षेत्रों से हटा लिया गया है इसके अलावा 15 अगस्त भी है लेकिन हर साल 14 अगस्त के दिन पाकिस्तान भी अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है अभी तक ऐसे कई मौके रहे हैं जब इस मौके पर अलगाववादियों द्वारा माहौल खराब करने के लिए पाकिस्तानी झंडे का इस्तेमाल हुआ है

लेकिन इस साल ऐसा कुछ ना होने पाए इसके लिए सरकार ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी है क्योंकि 15 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस है बीते के वर्षों में अलगाववादियों द्वारा 15 अगस्त के मौके पर तिरंगे को नुकसान पहुंचाने वाले कार्य किए गए हैं तो इस बार सरकार इनको रोकने के लिए पूरी तरीके से सेना को अलर्ट कर दिया है इस बार केंद्र सरकार की कोशिश है कि जम्मू कश्मीर के सभी पंचायतों में तिरंगे झंडे को शान से फहराया जाए तथा 15 अगस्त के मौके पर होने वाले समारोह भी शांतिपूर्वक हो सके मौजूदा परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए घाटी में राष्ट्रीय रायफल  और रेगुलर सुरक्षाबलों को  हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है और पूरे तरीके से शांति का  माहौल बनाए रखने के निर्देश सरकार ने दिए हैं घाटी में 45 हजार  पैरामिलिट्री के साथ सुरक्षाबलों की 100  कंपनियां तैनात की गई हैं जोकि पाकिस्तान की हरकतों और अलगाववादियों की कोशिशों को ना काम करने के लिए पर्याप्त हैं

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