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मनोज सैनी भारत का ‘देसी सुपरमैन’

उत्तरप्रदेश के मुज़फ्फरनगर  के भोपा इलाके के 26 वर्षीय मनोज सैनी को लोगों ने सुपरमैन का उपाधि दिया है.मनोज आम लोगों के लिए किसी भगवान से कम नहीं है इन्होने गंगा नहर में आत्महत्या करने वालों नजाने कितने लोगों को बचाया है. इस साहसिक काम के लिए मनोज को बीरता पुरुस्कार के लिए नामित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

मनोज कुमार ने कहापहली बार जब मैंने देखा कि एक लड़का नहर में कूद रहा है और आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा है तो मुझे कुछ नहीं समझ आया . कुछ मिनट तक तो मैं देखता रहा. मुझे  विश्वास नहीं हो रहा था  . जिसके बाद मैंने ठान लिया कि मैं इस लड़का की  जान बचाकर रहूंगा. जैसे ही वो कूदा तो मैं पीछे से नहर में कूद गया और उसकी जान बचाई. उसके बाद बीते एक साल में ऐसे कई मौके आए जब मैंने खुद नहर में कूदकर आत्महत्या  का प्रयास कर रहे लोगों को ऐसा करने से सफलतापूर्वक रोक लिया.

मनोज सैनी का कहना है कि वे किसी को भी अपनी आँखों के सामनेआत्महत्या करते नहीं देख सकते और इसलिए उनकी जान बचाने का प्रयास करते हैं।

स्थानीय कार्यकर्ता अमजद खान ने कहा, “वे हमारे देसी सुपरमैन हैं, जो लोगों की आत्महत्या करने से  बचाते हैं। गांव में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सब में वो फेमस हैं सुब उनकी बात करते हैं। मनोज सैनी ने तैराकी की कोई बिधिवत ट्रेनिंग नहीं ली फिर भी वह प्रोफेशनल तैराक की भांति तैरता है.

जिला  प्रशासन के कई अधिकारी भी मनोज सैनी के प्रशंसको  में  शामिल हैं। एक ओर जहां स्थानीय लोग मनोज के इस साहस की प्रशंसा करते हैं, वहीं प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि मनोज की कहानी लोगों के लिए एक मिसाल है।

फिल्मो  में सुपरमैन को सबसे शक्तिशाली वयक्ति  माना जाता है. वो आखिरी समय  पर आकर लोगों की जान बचा लेता है. फिल्मों में लोग भी उसे सुपरमैन  मानते हैं. मनोज सैनी भी इसी सुपरमैन की तरह आकर लोगों की जान बजाता है. मनोज सैनी बास्तव में देसी भारतीय सुपरमैन है. उनके जज्बे को सलाम.

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