स्विस सरकार ने सरकार को स्विस बैंक में भारतीय खातों के बारे में जानकारी दी

स्विट्जरलैंड की सरकार ने स्विट्जरलैंड में जमा भारतीय खातों के बारे में जानकारी सरकार को दी है । इस तरह से भारत को ब्लैक मनी से जुड़ी अपनी लड़ाई में एक तरह से बड़ी सफलता हासिल हुई है । क्योंकि स्विट्जरलैंड की सरकार ने स्विट्जरलैंड की बैंकों में जमा भारतीय के खाते की जानकारी की पहली लिस्ट भारत सरकार को सौंप दी है । मालूम हो कि भारत और स्विट्जरलैंड की सरकार के बीच एक ऑटोमेटिक एक्सचेंज आफ इनफॉरमेशन फ्रेमवर्क साइन हुआ था । इसी के तहत स्विट्जरलैंड की सरकार ने भारत सरकार को यह सूची सौपी है ।

ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत सरकार को उन लोगो के खातों के बारे में जानकारी हासिल हुई है, जो लोग स्विट्जरलैंड की बैंक में अपना खाता खोल रखे हैं । ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि इस लिस्ट के जरिए देश के उन लोगों के बारे में जानकारी मिलेगी जो लोग भारत के बाहर विदेशों में अपना काला धन छुपा कर रखे हैं । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्विट्जरलैंड की सरकार द्वारा अगली सूची भारत सरकार को 2020 में दी जाएगी । स्विट्जरलैंड के फेडरर टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन ने उन खातों के बारे में जानकारी भारत को दी है जो स्विट्जरलैंड में भारतीयों के द्वारा खोले गए हैं।

इसके अलावा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच फ्रेमवर्क के तहत 2018 के बाद उन लोगों के खातों की भी सूची मिलेगी जो लोग  अपना खाता 2018 के बाद स्विट्जरलैंड में बंद कर दिए । स्विट्जरलैंड एक यूरोपीय देश है और वहां की गोपनीय नीतियों की वजह से भारत सरकार को अभी तक स्विट्जरलैंड में भारतीयों के खाते के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही थी । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक अनुमान के मुताबिक स्विट्जरलैंड के बैंकों में करीब 41 हजार लोगों के खाते जांच के घेरे में आ सकते हैं । भारत सरकार को स्विट्जरलैंड सरकार द्वारा पहली सूची मिल गई है ।

अब भारत की सरकारी एजेंसियां खाताधारकों से जुड़ी जानकारियों को इकट्ठा करेगी और इसके बाद ये एजेंसियां आवश्यकतानुसार जरूरी एक्शन लेंगी । मालूम हो कि वर्ष 2012 में भारत में भ्रष्टाचार और काला धन के खिलाफ एक मुहिम की शुरुआत की गई थी । इसके अलावा मोदी सरकार भी अपने पहले कार्यकाल और दूसरे कार्यकाल के दौरान भी काला धन को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई है । और इसके लिए सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है । इसके अलावा सरकार की यह भी कोशिश है कि वित्तीय ढांचे में पारदर्शिता लाई जाए ।

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