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Saturday, February 27, 2021

एक कप्तान जिसने बदली दी भारतीय क्रिकेट की सूरत

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भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा क्रिकेट कप्तान रहा है जिसे दुनिया ‘दादा’ के नाम से भी जानती है और उसने भारतीय क्रिकेट की सूरत बदल कर रख दी और भारतीय टीम को नई ऊंचाई पर पहुँचाया। वैसे तो भारतीय टीम तत्कालीन कपिल देव की कप्तानी में 1983 में विश्व कप जीत कर इतिहास रचा था।

लेकिन इसके बाद भारतीय टीम कभी भी विदेशी सरजमीं पर आक्रामक नजर नहीं आई थी। इस बीच कई कप्तान आए और गए लेकिन भारतीय टीम को 90 के दशक में एक ऐसा कप्तान मिला जिसमें भारती सूरत बदल दी।

यह भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली है जिसमें भारतीय क्रिकेट को एक नई ऊंचाई प्रदान की और सौरव गांगुली की विरासत को ही पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आगे बढ़ाया और आज वर्तमान समय में सौरभ गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष हैं।

भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाले कप्तान सौरभ गांगुली का आज 48 वाँ बर्थडे है। सौरव गांगुली को दुनिया में ‘दादा’ के नाम से भी जाना जाता है। सौरभ गांगुली ने ही अपने नेतृत्व में खिलाड़ियों के अंदर वह आत्मविश्वास पैदा किया था जिसकी कमी पिछले काफी सालों से देखी जा रही थी।

वैसे तो कप्तानी क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी की है लेकिन एक कप्तान के रूप में सचिन तेंदुलकर को न तो व्यक्तिगत रूप से कोई विशेष सफलता मिली न ही एक टीम के कप्तान के रूप में वह भारतीय क्रिकेट टीम को आगे बढ़ा सके। 90 का दशक बदल चुका था और एक नई शुरुआत हो रही थी।

भारतीय टीम में सौरभ गांगुली शामिल हो चुके थे और सौरव गांगुली को कप्तान बनाया गया। सौरव गांगुली को मोहम्मद अजहरुद्दीन के बाद कप्तान बनाया गया था। बता दे करीब एक दशक तक मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भारतीय क्रिकेट टीम में बतौर कप्तान रहे थे लेकिन वह वह काम नहीं कर पा रहे थे जो सौरभ गांगुली ने आकर किया।

सौरभ गांगुली ने अपनी कप्तानी में कोई भी आईसीसी इवेंट में जीत भारतीय टीम को नहीं दिला पाए लेकिन उन्होंने 2003 के विश्व कप में भारतीय टीम को फाइनल में पहुंचाया था। इसके अलावा गांगुली की कप्तानी में ही आईसीसी चैंपियन ट्रॉफी का फाइनल भी भारत खेला था, जिसमें कप्तान सौरव गांगुली का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने 49 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें से भारत ने 21 में जीत हासिल की है जो कि उस समय किसी भी भारतीय कप्तान द्वारा जीता गया सबसे ज्यादा टेस्ट मैच था। हालांकि बाद में सौरव गांगुली के इस रिकॉर्ड को पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तोड़ दिया और महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड को वर्तमान कप्तान विराट कोहली तोड़ चुके हैं।

यह भी पढ़ें : आखिर क्यों सचिन तेंदुलकर ने सौरभ गांगुली को दी थी उनका कैरियर खत्म करने की धमकी

बात अगर वनडे की करें तो सौरभ गांगुली के नेतृत्व में भारतीय टीम ने 146 मैच खेले हैं जिसमें से 76 मैच भारत जीता है। सौरव गांगुली की कप्तानी में ही भारतीय क्रिकेट टीम ने विदेशी सरजमीं पर नेटवेस्ट ट्रॉफी में जीत हासिल की थी। एक कप्तान का प्रमुख काम होता है वह आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करें और सौरव गांगुली को यह बखूबी आता था।

Sourav Ganguly

यही वजह थी कि कई सारे अहम मौके पर बिना डरे वह खुद गेंदबाजी भी करने उतरे थे और बल्लेबाजी के लिए तो उन्हें ऑफ साइड का भगवान भी कहा जाता था साथ ही मीडियम पेश गेंदबाजी कर के वह अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को पवेलियन पहुंचा देते थे।

मालूम हो कि सौरभ गांगुली के नाम टेस्ट क्रिकेट में 32 विकेट और वनडे क्रिकेट में 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। सौरभ गांगुली का जन्म कोलकाता में हुआ था और बाद में सौरव गांगुली ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ नाम से भी मशहूर हुए थे। सौरभ गांगुली बाएं हाथ के बल्लेबाज थे और सचिन तेंदुलकर के साथ उनकी जोड़ी खूब जमती थी।

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बतौर ओपनर सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी करने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के नाम दर्ज है। बाद में यह जगह वीरेंद्र सहवाग ने ले ली। वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर बताओ बतौर ओपनर आते थे। सहवाग के आने के बाद सौरव गांगुली टीम में नंबर 3 पर खेलने लगे थे।

सौरभ गांगुली ने अपने टेस्ट कैरियर में 113 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 42.18 के औसत से 7212 रन बनाए हैं जिसमें एक दोहरा शतक भी शामिल है और 16 शतक तथा 35 अर्धशतक शामिल हैं। क्रिकेट के दादा सौरव गांगुली ने टेस्ट मैचों में कुल 90 चौके और 57 छक्के  जड़े हैं।

वही इंटरनेशनल वनडे मैचों में उन्होंने कुल 311 मैच खेले हैं जिसमें 40 से ज्यादा के औसत से 11,363 रन बनाए हैं। सौरभ गांगुली के नाम आज भी सबसे कम मैचों में 10000 रन बनाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड दर्ज है और वह आज भी दुनिया के तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने सबसे कम मैचों में 10000 आंकड़ा पर किया है। सौरव गांगुली ने कुल 311 वनडे मैचों में कुल 22 शतक और 72 अर्धशतक बनाये है।

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