भारत में पुरुषों में बढ़ रही है एनीमिया की समस्या

आमतौर पर महिलाओं में एनीमिया की समस्या पाई जाती है । लेकिन ‘द लैसेन्ट ग्लोबल हेल्थ” में अभी हाल में ही एक शोध प्रकाशित हुआ है जिसमें कहा गया है कि भारत में 15 से 54 आयु वर्ग के पुरुषों में किसी न किसी रूप में एनीमिया  की समस्या पाई गई है ।

इस अध्ययन के मुताबिक भारत में 4 में से 1 पुरुष में एनीमिया की समस्या देखने को मिली है । इस अध्ययन में 6 लाख महिलाओं को भी शामिल किया गया । 20-35 वर्ष की उम्र में एनीमिया  होने की संभावना बहुत कम रहती है । जबकि 50 से 54 वर्ष की आयु वर्ग में एनीमिया की संभावना सबसे अधिक होती है ।

एनीमिया का मतलब होता है खून में हीमोग्लोबिन की कमी होना । एनीमिया  से पीड़ित व्यक्ति में थकान, ध्यान लगाने में परेशानी और सुस्ती बने रहना, इस तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं । हालांकि हर आयु वर्गों में इसकी स्थिति भी भिन्न-भिन्न होती है । कम आयु वर्ग मामले में एनीमिया की समस्या ज्यादा देखने को मिली है ।

जिस देश में इतनी बड़ी संख्या में युवा को एनीमिया  की समस्या हो तो यह स्वाभाविक है कि यह चिंता का विषय है । इस अध्ययन में पाया गया कि एनीमिया से पीड़ित पुरुषों में 21.7%लोगों में मध्यम या फिर गंभीर एनिमिया समस्या थी वहीं महिलाओं में यह प्रतिशत 53.6 % था ।

अगर भारत के राज्यों के हिसाब से देखा जाए तो बिहार में एनिमिया पीड़ितों की संख्या सबसे ज्यादा देखने को मिली  । इसके बाद बंगाल, मेघालय उड़ीसा का स्थान आता है । सबसे कम एनिमिया  से पीड़ित पुरुषों की संख्या वाले राज्यों में मणिपुर,मिजोरम, नागालैंड, गोवा और केरल है ।

आइए जानते हैं क्या होता है एनिमिया

एनीमिया वह स्थिति है जिसमें खून में लाल रक्त कणिकाओं के नष्ट होने की दर उनके बनने की दर से ज्यादा हो जाती है और इसका नतीजा यह होता है कि शरीर में खून की कमी होने लगती है । पुरुषों में एनिमिया  की समस्या होने पर थकान और सस्ती देखने को मिलती है तथा ध्यान केंद्रित करने में भी समस्या होती है ।

सामान्यता पुरुषों में हीमोग्लोबिन का स्तर 13.5 और महिलाओं में 12 से कम होने पर शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया कहा जाता है ।  इस शोध में बताया गया कि अनियमित दिनचर्या और खाने में पौष्टिक आहार उचित मात्रा में ना लेना, एनीमिया से ग्रसित होने का सबसे बड़ा कारण है  । शरीर में जब फोलिक एसिड और विटामिन B12 की कमी होने लगती है तब एनीमिया  की समस्या जन्म लेती है ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में साल 2013 में लगभग 1.9 करोड़ लोग एनेमिया से पीड़ित थे जो की दुनिया की कुक आबादी का 27% हिस्सा है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में देखा कि 93% मामले उन देशों के थे जिनकी आय कम या फिर मध्यम  है ।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *