ब्रिक्स की New Development Bank कम समय मे अपनी साख बनाने में कामयाब रहा इस तरह कर रहा काम

ब्रिक्स की New Development Bank

ब्रिक्स की New Development Bank

कोरोना वायरस महामारी के दौर में BRICS सदस्यों की वर्चुअल बैठक दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी रही है। इस दौरान कई मुद्दों पर बातचीत की गई।

खास करके BRICS Countries ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए और वैक्सीन के उपयोग और उपलब्धता के संबंध में सदस्य देशों की आर्थिक स्थिति के साथ ही समान हित के मुद्दों पर एकमत से काम करना चर्चा में शामिल था।

ब्रिक्स देशों के चर्चा की गई मुद्दे पूरी दुनिया को प्रभावित किये।

ब्रिक्स का मकसद :-

ब्रिक्स (BRICS) देशों में पांच देश सदस्य देश है जिसमें ब्राजील(B) रूस(R) इंडिया(I) चीन(C) दक्षिण अफ्रीका(S) शामिल है।

ब्रिक्स की स्थापना का प्रमुख मकसद आपसी समझ कायम कर के समान हितों के मुद्दों पर एक राय बनाना और अपने व्यापारिक साझेदारी को बढ़ाना, व्यापार के लिए देश के नियमों को आसान बनाना है।

इन सभी मकसद की पूर्ति के लिए ब्रिक्स देशों ने न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना की थी। यह आज अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष(IMF) और वर्ड बैंक के तर्ज पर काम कर रहा है।

ब्रिक्स का मुख्यालय चीन के शहर शंघाई में बनाया गया है। 2010 के पहले तक BRICS में सिर्फ चार देश हुआ करते थे, लेकिन साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका को भी इसमें शामिल कर लिया गया और इसके सदस्यों की संख्या बढ़ के पांच हो गसी।

New Development Bank ने कम समय में अपनी जबरदस्त साख बनाने में कामयाब रहा है। विश्व के विभिन्न रेटिंग एजेंसियों ने इसे बेहतर रेटिंग दी है, जैसे कि फिच ने डबल ए प्लस, एसएंडपी ने भी डबल ए प्लस, जापानी रेटिंग एजेंसी ने ट्रिपल ए रेटिंग दी है।

इस समय ब्रिक्स के अध्यक्ष मार्कोस ट्रॉन्जो है और उपाध्यक्ष भारत के अनिल किशोर है। न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना साल 2015 में की गई थी और 5 सालों में इसने अपनी अच्छी खासी साख बना ली है।

आज New Development Bank की मदद से 21 करोड़ डॉलर की लागत से विभिन्न देशों में लगभग 65 प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि साल 2020 के अंत तक मदद की याद धनराशि 26 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकती है।

New Development Bank ने अपने सदस्य देशों में शहरी विकास करने, पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने, सैनिटेशन, ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग देने का काम किया है।

कोरोना वायरस महामारी के दौरान इस बैंक ने इमरजेंसी रिस्पांस प्रोग्राम के तहत 10 करोड़ डॉलर की धनराशि उपलब्ध कराई थी, जिसमें 5 करोड़ की धनराशि सदस्य देशों को वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा के लिए तथा शेष 5 करोड़ डालर की धनराशि अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए उपलब्ध कराई गई है, जिस में रोजगार के अवसर पैदा करने और छोटे रोजगार को वित्तीय मदद उपलब्ध करवाने की बात कही गई है।

सदस्य देशों को डिजिटल बनाना :-

न्यू डेवलपमेंट बैंक का एक प्रमुख काम सदस्य देशों में निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाना हूं जिसका फायदा ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिल सके।

न्यू डेवलपमेंट बैंक ने सदस्य देशों में अपना क्षेत्रीय कार्यालय खोलने पर विचार कर रहा है। न्यू डेवलपमेंट बैंक की मदद से ही भारत के मध्य प्रदेश, असम,राजस्थान में पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने सड़कों और पुलों का निर्माण करने मुंबई में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है।

बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में सड़क निर्माण में भी यह बैंक मदद कर रहा है। इसके अलावा यह रूस में सैनिटेशन और वाटर सप्लाई और चीन के विभिन्न शहरों के विकास के लिए वित्तीय मदद भी इस बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

इस बैंक के मदद से ही चीन में सोलर प्रोजेक्ट समेत दूसरे पावर प्रोजेक्ट लगाए गए हैं। ब्राजील में भी ट्रांस अमेज़न प्रोजेक्ट पर इस बैंक ने मदद जारी की है।