जीवन जीने की कला है योग

जीवन जीने की कला है योग

ऋषि मुनियों की धरोहर है योग। योग का अर्थ है जुड़ना। विष्णु पुराण के अनुसार “योगः संयोग इत्युक्त: जीवात्मा परमात्मने”। जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णता मिलन ही योग है। अष्टांग योग, योग की सबसे प्रचलित धारा है यम, नियम, आसन प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि। शिव ही युग के प्रवक्ता कहलाए जाते हैं। योग तनाव…

अपने गांव को एक आदर्श गांव कैसे बनाए

अपने गांव को एक आदर्श गांव कैसे बनाए

आदर्श गांव बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है ग्राम प्रधान ,ग्राम अधिकारी, क्षेत्र का थाना ,गांव का विद्यालय के अध्यापकों , उसके बाद ब्लॉक के अधिकारी डीएम और एसडीएम का महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आदर्श गांव बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्यों पर विचार होनी चाहिए 1-एक गांव से दूसरे गांव को मिलाने वाली…

कैसे पढेंगा और कैसे बढ़ेगा भारत

कैसे पढेंगा और कैसे बढ़ेगा भारत

कोरोना की दूसरी लहर में बच्चों का भविष्य डगमगा रहा था बड़ी ही कशमकश थी क्या होगा बोर्ड की परीक्षाएं होंगी , या स्थगित होंगे, या फिर बिन परीक्षा के उत्तीर्ण कर दिया जाएगा,असमंजस में पड़े हुए थे विद्यार्थी। माता-पिता की भी कम चिंता नहीं थी परीक्षा को लेकर। कोरोना की महामारी मैं एक अहम…

आरक्षण की वर्तमान स्थिति

आरक्षण की वर्तमान स्थिति

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी यदि आज जीवित होते तो अपना 130 वां जन्मदिन मना रहे होते। मैं सोचता हूँ यदि वह आज जीवित होते तो भारत की वर्तमान स्थिति पर क्या कहते। आरक्षण पर उनके विचार अब क्या होते। निश्चित ही वह इसकी समीक्षा करने को कहते। आजादी मिलने के बाद के शुरुआती 10…

स्लम बस्ती :आखिर कब इनके हालात में सुधार होंगे

स्लम बस्ती :आखिर कब इनके हालात में सुधार होंगे

भारत में जहां बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, वही दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं से दूर शहरीकरण का कारण मलिन बस्तियों में आभाव देखने को मिल रहा है। आये दिन भारत में बदलाव और स्मार्ट सिटी के लिए योजनाएं घोषित की जाती हैं। भारत सरकार द्वारा स्लम एरिया को डिवेलप…

भारतीय नेताओं को मच्छरों से सीखना चाहिए

भारतीय नेताओं को मच्छरों से सीखना चाहिए

मार्च का महीना,सर्दियों की केंचुल उतार गर्मियों का लिबास ओढ़ने का महीना है। रक्तपिपासु मच्छरों का खूनी खेल इसी महीने से जोर पकड़ता है। मुझे नही मालूम उनका प्रजनन काल कब होता है लेकिन उनकी बढ़ती जनसंख्या देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कई बांके मच्छर पिता बन चुके होंगे। मादाएं,शिशु मच्छरों को पाल-पोसकर…

क्या पैसे से खुशी हासिल की जा सकती है? क्या कहता है शोध

क्या पैसे से खुशी हासिल की जा सकती है? क्या कहता है शोध

अक्सर हर किसी के मुँह से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि हमें अपनी जिंदगी में बेहद खुश रहना चाहिए। मुश्किलें जिंदगी में चाहे जितनी आए कभी भी हिम्मत नहीं होनी चाहिए और हर कोई खुद को खुश रखने की हर कोशिश करता है। आज के दौर में लोगों के पास खुश रहने…

आर्थिक गतिविधि को तेज करने के लिए न्यायिक और प्रशासनिक सुधार पर भी ध्यान दें

आर्थिक गतिविधि को तेज करने के लिए न्यायिक और प्रशासनिक सुधार पर भी ध्यान दें

कोरोना वायरस महामारी के बाद विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। हमारे देश में बेरोजगारी बढ़ गई। लेकिन हमारे देश के राजनीतिज्ञ रोजगार की समस्या पर ध्यान नहीं देते हैं। अगर कहीं बेरोजगारी की समस्या पर सार्वजनिक रूप से चर्चा होती भी है तो उसे कभी भी गंभीरता से नही लिया जाता। कोरोना वायरस महामारी…

Dear रिहाना, ग्रेटा & मिया खलीफा !!

Dear रिहाना, ग्रेटा & मिया खलीफा !!

आपलोग जागरूक हो,यह जानकर बड़ा ही अच्छा लगा। सबको बोलने का हक है आपने भी बोला। यद्यपि आप तीनों भारत से नही हो इसलिए यहां के मुद्दे भी सीधे तौर पर आपके नही हैं। फिर भी आपने किसान आंदोलन को लेकर बात की।इससे यही लगता है कि आप संवेदनशील हो। मानवाधिकार और वैश्विक चिंताओं की…