आईटी हब के नाम से जाना जाने वाले नोएडा में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले

आईटी हब के नाम से जाना जाने वाले नोएडा में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले

आईटी हब के नाम से जाना जाने वाले नोएडा में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले

दिल्ली से सटे नोएडा को उत्तर प्रदेश के आईटी हब के तौर पर भी जाना जाता है । लेकिन अब यह कोरोना वायरस का भी हब बन रहा है । दरअसल कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा संक्रमित लोग ग्रेटर नोएडा के ही पाए गए हैं । मालूम हो कि ग्रेटर नोएडा में आधुनिक चिकित्सा सुविधा है लेकिन इसके बावजूद भी कोरोना वायरस संक्रमण को कम करने में ये समस्त संगठन फिसड्डी साबित हो रहे हैं हालात इतने ज्यादा बिगड़ रहे हैं कि दिनों दिन लॉक डाउन के बाद भी करोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या नोएडा में बढ़ती जा रही है ।

पिछले 2 दिनों के अंदर नोएडा में कोरोना से संक्रमित 6 नये मरीज मिले है । इस तरह से कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की संख्या उत्तर प्रदेश में बढ़कर 49 तक पहुंच गई है और अगर नोएडा की बात करें तो कोरोनावायरस संक्रमित लोगों की संख्या सिर्फ नोएडा में 17 है ।

वहीं आगरा में 9 लोग कोरोना से संक्रमित हैं, जबकि लखनऊ मे 8  गाजियाबाद में पांच, पीलीभीत में दो, तथा बनारस, कानपुर, जौनपुर, शामली, बागपत, मेरठ, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद जैसे जिलों में 1-1 कोरोना से संक्रमित मरीज पाए हैं । नोएडा को उत्तर प्रदेश का शो विंडो भी जाना जाता है । इसकी स्थापना औधोगिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर 1976 में हुई थी । आज नोयडा की पहचान आईटी हब के रूप में है । यहां पर गारमेंट्स के भी कई उद्योग हैं ।

बता दे कि उत्तर प्रदेश के नोएडा में विदेशों से भी व्यापार होता है । करीब 13 देश, जिसमें चीन, जापान, अमेरिका जैसे देश शामिल है, जिनका नोएडा से व्यापार होता है और यहां के लोग अक्सर विदेश जाते रहते हैं । बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में जब से कोरोना के लिए स्क्रीनिंग की शुरू हुई है तब से ग्रेटर नोएडा में अब तक 1105 लोग विदेश से वापस आए हैं ।

अभी तक 221 लोगों की रिपोर्ट आ चुकी है, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है और कई लोगों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है । ऐसे में अभी तक नोएडा में 17 लोग कोरोना से प्रभावित पाए गए । नोएडा में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान जिंक्स में इन्हें अलग-अलग आइसोलेशन में रखा गया है ।

इसमें यहां पर 120 लोगों के लिए वारंटी सेंटर भी बनाया गया है । नोएडा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनुराग भार्गव ने बताया कि जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम को करीब 10 हजार लोगों की निगरानी के लिए काम पर लगाया गया है ।

यह सभी लोग उस क्षेत्र के हैं जहां पर कोरोना वायरस से पीड़ित है या ये लोग संदिग्ध है और विदेश से आये है । इसी बीच सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई सोसायटी को 31 मार्च तक के लिए सीज कर दिया गया है । ये सोसाइटी है जहां पर कोरोनावायरस के मामले देखे गए हैं ।

इसमें सेक्टर 100 स्थित लोटस स्पीरिया, सेक्टर 78 का हवाई पार्क, सेक्टर 74 का सुपरटेक केपटाउन, सेक्टर 135 का लॉजिक्स ब्लॉसम सोसायटी है । ग्रेटर नोएडा के अल्फा वन के सभी ब्लॉक को कोरोना के पॉजिटिव मामले मिलने के बाद लॉक कर दिया गया है ।