आइए जानते हैं बंगाल में मिले कोरोना के ट्रिपल म्यूटेशन वैरीएंट और इसके खतरे के बारे में

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेजी से अपना पैर पसार रही है। ऑक्सीजन की कमी ने इस वायरस को ताकत दी और भारतीय स्वास्थ्य समस्याएं देश की स्थिति को बीमार बना रही हैं।

कोरोना वायरस तेजी से अपना रूप भी बदल रहा है जो कि इसे और भी ज्यादा घातक बनाने का काम कर रहा है। बीते दिनों कोरोना वायरस के एक और वैरीअंट सामने आया है।

इसे ट्रिपल म्यूटेशन वैरीअंट के नाम से जाना जा रहा है। देश में यहां वैरीअंट तेजी से फैल रहा है। पश्चिम बंगाल में पहली बार यह वैरीअंट देखने को मिला।

इसलिए इसे बंगाल वैरीअंट के नाम से भी जाना जा रहा है। इसके पहले महाराष्ट्र में डबल म्युटेड वैरीअंट का मामला सामने आया था।

दक्षिण अफ्रीका, यूके, ब्राजील में भी कोरोना वायरस के नए वैरिएंट देखने को मिले हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि दुनिया भर में तेजी से कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि का कारण नए-नए वैरीअंट है।

ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि कोरोना वायरस का ट्रिपल म्युटेंट वैरीअंट क्या है और यह कितना घातक है।

क्या है कोरोना वायरस का ट्रिपल म्युटेड वैरीअंट

जैसे कि इसके नाम से ही पता चल रहा है, इस वायरस में एक दो नहीं बल्कि 3 बार बदलाव हुआ है। फिलहाल इस पर शोध कार्य जारी है।

लेकिन आशंका जताई जा रही है कि कोरोना वायरस का ऐसे बदलना मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। वैज्ञानिकों ने इस ट्रिपल म्यूटेंट वैरीअंट को B.1.618 नाम दिया है।

सबसे पहले पश्चिम बंगाल में इस वैरीअंट का पता लगा है। यह वायरस दिन अलग-अलग स्टेन का एक कॉम्बिनेशन है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह वायरस तीन रूपों को मिलकर एक नया ग्रुप बना लिया है।

पश्चिम बंगाल के अलावा महाराष्ट्र व दिल्ली में भी ट्रिपल म्युटेड वैरिएंट के मामले देखने को मिल रहे हैं।

टिपल म्युटेड है ज्यादा खतरनाक

एक शोध में पता चल रहा है कि यह नया जेनेटिक वैरीअंट ज्यादा चालाक है और यह उन शरीर पर हमला कर सकते हैं जिनमें पहले से ही एंटीबॉडी बन चुकी है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस का ट्रिपल म्युटेंट वैरीअंट घातक है। यह न सिर्फ तेजी से फैल रहा है बल्कि बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। डबल म्यूटेंट वैरियंट से ज्यादा यह ट्रिपल म्यूटेंट वैरीअंट घातक साबित हो सकता है।

कितना खतरनाक है कोरोना वायरस की यह नई म्युटेड वैरिएंट

कोरोना वायरस के बारे में कहा जा रहा है कि यह वायरस हर बार नया नया रूप लेकर खतरनाक होता जा रहा है।

यह एक अधिक संक्रमणीय वैरीअंट माना जा रहा है जो बहुत सारे लोगों को तेजी से बीमार कर सकता है। डबल म्युटेड वैरीअंट का पता देरी से लगा।

यही वजह है कि कोरोना वायरस के मामले में तेजी से वृद्धि हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस जितना फैलता है उसका उसमें म्यूटेशन होता है और यह नया रूप लेता जाता है।

वैक्सीन का असर

बताया जा रहा है कि देश में उपलब्ध दोनों ही वैक्सीन इस वायरस पर प्रभावकारी है। सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलेक्युलर बायोलॉजी के अध्ययन में पाया गया है कि डबल म्यूटेशन पर सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई गई कोविडशील वैक्सीन कारगर है।

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