क्या कोरोना वायरस अब उतना खतरनाक नहीं रहा !

क्या कोरोना वायरस अब उतना खतरनाक नहीं रहा !

क्या कोरोना वायरस पहले की तरह अब खतरनाक नहीं रहा ? लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है क्योंकि भले ही हाल के दिनों में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या भारत में बढ़ी है। लेकिन कोरोना वायरस से रिकवरी रेट भी भारत में बढा है। पहले की तुलना में अब कोरोना से संक्रमित लोग काफी तेजी से ठीक हो रहे हैं।

वही इस जानलेवा कोरोना वायरस से जंग जीतने में सरकार हर संभव प्रयास करने में लगी हुई है। डॉक्टर जोखिम के बावजूद कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसलिए भारत में अन्य देशों की तुलना में स्थिति काफी बेहतर है। आने वाले समय में इस बात की संभावना है कोरोना वायरस से जल्दी ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगेगी।

मालूम हो कि कोरोना वायरस अमेरिका, इटली, ब्रिटेन जैसे देशों में काफी तेजी से बढ़ा है। लेकिन भारत में कोरोना वायरस के प्रसार की दर इन देशों की तुलना में बेहद धीमी रही है। भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दो लाख के आंकड़े को पार कर गई है।

हालांकि इसमें अब एक्टिव केस एक लाख के आसपास है और लगभग 96 हजार लोग कोरोनावायरस से पूरी तरीके से ठीक हो चुके हैं। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने की दर 3.3 फीसदी अप्रैल के मध्य में थी पर अब यह दर घटकर 2.8 फीसदी रह गई है।

दुनिया में कोरोना वायरस से लगभग चार लाख लोगों की मौत हुई है। अकेले अमेरिका में कोरोना वायरस से लगभग एक लाख लोग मरे हैं। ब्रिटेन में 39 हजार से भी ज्यादा लोग की मौत कोरोना वायरस से हुई है।  वहीं भारत में भले ही कोरोना वायरस संक्रमित लोगों का आंकड़ा दो लाख तक पहुंच गया है लेकिन यहां मरने वालों की संख्या लगभग 6 हजार के आस पास है।

यह भी पढ़ें : क्या है एशिया में कोरोना वायरस के फैलने की बड़ी वजह

देश में अभी भले ही एक लाख से भी अधिक लोग में कोरोना वायरस के संक्रमित हैं यानी एक्टिव केस है लेकिन बड़ी संख्या में हर दिन लोग इससे ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहे हैं और जिन लोगों में कोरोना वायरस के हल्के-फुल्के लक्षण है उन लोगों को उनके घर में ही होम क्वॉरेंटाइन या सेल्फ आइसोलेशन में रखा जा रहा है और यदि उन्हें 10 दिन में लक्षण नहीं नजर आता है तब उन्हें स्वस्थ माना जाता है।

पहले की तुलना में अब कोरोना से संक्रमित लोग काफी तेजी से ठीक हो रहे हैं।
पहले की तुलना में अब कोरोना से संक्रमित लोग काफी तेजी से ठीक हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का इस संबंध में कहना है कि उनके इम्यून सिस्टम के मजबूत होने की वजह से वह खुद-ब-खुद ठीक हो जा रहे है। देश में कोरोना वायरस वायरस के टेस्टिंग की सुविधा भी बढ़ गई है देशभर में कुल 676 लैब में कोरोना वायरस की जांच होती है, जिसमें से 472 लैब सरकारी हैं और 204 ब्लैब निजी हैं। अब अब तक इन लैबो में 38 लाख सैंपल की जांच हो चुकी है।

यह भी पढ़ें : इस तरह से खत्म होगा कोरोना वायरस महामारी

वही स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि देश में अब सामुदायिक प्रसार भी शुरू हो गया है। इसलिए सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करना और उन्हें उचित इलाज मुहैया कराना है।

कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मौतों को रोकने के लिए यदि उन्हें समय पर इलाज दिया जाए तभी उसे नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन बीच महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रदेशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन जल्द ही इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि यहां भी स्थिति में सुधार आने लगेगा। दुनिआ भर के सरकारों ने अब लॉक डाउन में ढील देना सुरु कर दिया है ।

 

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *