कोरोना वायरस की जांच

कब कराएं कोरोना वायरस की जांच के लिए आरटी- पीसीआर टेस्ट और रैपिड एंटीजन टेस्ट

कोरोना वायरस महामारी का कहर थमने का नाम नही ले रहा है। दुनिया भर में हर दिन लाखों की संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं। अब दुनिया में दो करोड़ 93 लाख से भी ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।

भारत में भी कोरोना वायरस का आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। भारत में अब तक करीब 48 लाख से भी ज्यादा लोग कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके हैं और 80 हजार से भी ज्यादा लोगों ने इस समय संक्रमण की वजह से अपनी जान गवाई है। कोरोना वायरस के लिए जब तक कोई भी वैक्सीन बाजार में नही आ जाती है तब तो लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

आइए जानते हैं कोरोना वायरस से जुड़ी जांच आरटी पीसीआर टेस्ट और रैपिड एंटीजन टेस्ट कब करवाना चाहिए और कोरोनावायरस संक्रमण से जुड़ी कुछ अन्य बातें –

क्या छूने से कोरोनावायरस संक्रमण होता है :-

दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर डॉक्टर अनुपम प्रकाश का कहना है कि मास्क औरग्लब्स लगाकर किसी संक्रमित व्यक्ति को छूने से कोरोना वायरस संक्रमण नही होगा, लेकिन अगर ग्लब्स लगे लगे हम हाथ से अपना मुंह या नाक छू लेते हैं तब इससे संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।

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इसलिए कोई भी अन्य काम करने से पहले सावधानीपूर्वक ग्लब्स को उतार ले और उसके बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें और इसके बाद मास्क उतारे।

इस महामारी के दौर में घर से बाहर निकलते वक्त एतिहाद को रखना बहुत जरूरी है और घर से बाहर निकले तो अच्छी क्वालिटी का मास्क लगाएं। अक्सर देखा जाता है कि जो लोग मास्क नही लगाते है तो ऐसे लोगों को खांसते समय अपनी कोहानी को मुंह के पास करके खाँसना या छींकना चाहिए।

कोरोना वायरस

ताकि खांसने या छीकने के दौरान मुंह से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स हथेली पर न आए और न  ही वातावरण में फैले।अपने साथ हमेशा बाहर निकालने पर सैनिटाइजर और पेपर शोप सतग रखें और अगर किसी भी सतह को छूते हैं तब सतर्क रहें और हाथों को सैनिटाइज करें।

कब करें आरटी पीसीआर टेस्ट और रैपिड एंटीजन टेस्ट ?

विशेषज्ञों के मुताबिक अगर कोई कंटेनमेंट जोन में है जहां पर कोरोना वायरस संक्रमण बहुत ज्यादा फैल रहा है तब अगर वहां पर कोरोना वायरस का टेस्ट कराना है तो पहले आरटी पीसीआर टेस्ट कराएं और अगर कोई भी लक्षण नजर आए तब जितना जल्दी हो सके व्यक्ति को आइसोलेशन में ले जाएं और उसके बाद उसका आरटी पीसीआर टेस्ट कराएं।

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अगर कोई कंटेंटमेंट जोन से नही आता है तब रैपिड एंटीजन टेस्ट करा सकते हैं। हालांकि कंटेनमेंट जोन में सरकार रैपिड टेस्ट करवा रही है जिससे कि कोरोना वायरस के बारे में जानकारी मिल सके।

विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में एंटीबॉडी बन जाती है ऐसे में इनका ब्लड दूसरों को बचाने में काफी मददगार हो सकता है। इसलिए कोरोना वायरस से ठीक हो चुका मरीज करीब एक महीने बाद अपना प्लाज्मा डोनेट कर सकता है।

कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति क्या खाए :-

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस के मरीजों के लिए अभी भी कोई भी खास खाने को लेकर दिशा-निर्देश नहीं जारी हुआ है। लेकिन अगर कोई पहले से डायबिटीज जैसी बीमारी से पीड़ित है तब उसे अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना चाहिए और चीनी से बनी चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए।

वही हाइपरटेंशन के मरीजों को नमक कम खाना चाहिए। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति सामान्य और संतुलित खाना खा सकता है। तैलीय चीज खाने से परहेज करें और नियमित तौर से दिन में 3-4 आयुर्वेदिक काढ़ा और गरम पानी पिये और पर्याप्त नींद ले।

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