खजूर का जरूरत से ज्यादा सेवन कई शारीरिक समस्याओं की वजह बन सकता है

खजूर का जरूरत से ज्यादा सेवन कई शारीरिक समस्याओं की वजह बन सकता है

खजूर को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है । इसे एक स्वस्थ सूखे मेवे के रूप में लोग इस्तेमाल करते हैं । यह पौष्टिक तो होता ही है साथ में स्वाद में भी लाजवाब होता है । लेकिन कहा जाता है कि किसी भी चीज की अति बुरी होती है और यह खजूर के मामले में भी लागू होता है । यदि इस फल को ज्यादा मात्रा में खा लिया जाए तो इसके कई सारे दुष्परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं ।

खास करके बच्चों को यह ज्यादा नुकसान करता है क्योंकि बच्चे इसे पचा नहीं पाते हैं और इसकी वजह से उन्हें पेट से जुड़ी समस्या हो जाती है । एक दिन में 5 से ज्यादा खजूर खाना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन इससे ज्यादा नुकसानदेह क्योंकि ज्यादा खजूर खाने से इसकी चमक के लिए इस्तेमाल हुई  मोम कोडिंग भी ज्यादा मात्रा में शरीर के अंदर जाने से वह नुकसान पहुंचाने लगता है ।

ऑर्गेनिक खजूर सेहत के लिहाज बेहद फायदेमंद होता है लेकिन इसके प्रिजर्वेटिव होने की वजह से इसके स्वास्थ्य से जुड़े दुष्प्रभाव देखने को मिले हैं क्योंकि खजूर को संरक्षित करने के लिए सल्फाइड का उपयोग किया जाता है और यह पेट के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है । इंसान का शरीर सल्फाइड के प्रति संवेदनशील होता है और इसकी वजह से एलर्जी की समस्या उत्पन्न हो सकती है ।

पेट में दर्द, गैस बनना, दस्त आदि की समस्या भी देखने को मिल सकती है । खजूर में फाइबर काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है । जब इसका ज्यादा सेवन किया जाता है तो यह भी पेट के ट्रेडर कर सकता है । बहुत सारे लोग खजूर का सेवन वजन को घटाने में करते हैं लेकिन खजूर वजन घटाने में जितना मददगार होता है यह वजन बढ़ाने में भी उतना ही काम करता है ।

खजूर भले फाइबर की भरपूर मात्रा अपने में रखता है लेकिन इसमें हाई कैलोरी भी पाई जाती है और इसकी वजह से वजन बढ़ जाता है । इसके अलावा खजूर का अधिक सेवन करने की वजह से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या भी देखने को मिलती है । खजूर में अधिक मात्रा में पोटेशियम भी पाया जाता है ।

अधिक मात्रा में पोटेशियम का सेवन करने की वजह से हाइपरकलेमिया हो जाता है और इंसान के शरीर में पोटैशियम की आवश्यक मात्रा 3.6 से 5.2 मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए और इससे ज्यादा हो जानेपर यह स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाता है । सूखे खजूर में अधिक मात्रा में सल्फाइड भी होता है और यह सल्फाइड त्वचा को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाता है ।

इससे अस्थमा की भी समस्या उत्पन्न हो सकती है । वैसे तो खजूर का संबंध अस्थमा से स्थापित नहीं किया जा सकता है लेकिन खजूर की वजह से एलर्जी की समस्या हो जाती है । ऐसे में अस्थमा के रोगियों को खजूर के सेवन में सतर्कता बरतनी चाहिए । खजूर स्ट्रीट वेंडर्स खरीदना काफी ज्यादा नुकसानदेह हो सकते हैं ।

खजूर में फ्रुक्टोज भी पाया जाता है इसे प्राकृतिक मिठास के तौर पर जाना जाता है लेकिन यह बिना टूटे ही शरीर से गुजर जाता है । ऐसे में यह बच्चों को नुकसान पहुंचाता है क्योंकि खजूर में मोटेड्राई फ्रूट्स को बचाने के लिए उन्हें ठीक से चबाकर खाना बेहद जरूरी होता है और बच्चों की आंत विकासशील अवस्था में ही रहती है । ऐसे में खजूर को पचाना बच्चों की आंत के लिए आसान नहीं होता है ।

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