21 C
Delhi
Saturday, February 27, 2021

धधकते सवाल

Must read

ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म क्या है और यह डिजिटल मीडिया पर क्यों धूम मचा रहा है?

आज से कुछ साल पहले लोगों को कई सारे काम करने के लिए घर से बाहर जाना होता था। किंतु आज के इंटरनेट के...

पीएम किसान सम्मान : RTI से पता चला 20 लाख से अधिक अपात्र लोगों को भेज दी गई करोड़ों की धनराशि

लोकसभा चुनाव के ठीक मोदी - 2 सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पीएम किसान सम्मान को लागू...

अफ्रीका का यह राजा हर साल शादी करता है और जी रहा आराम की जिंदगी

दुनिया के अधिकांश देशों से राजशाही व्यवस्था को सालो पहले से खत्म कर दिया गया है। लेकिन अफ्रीका में आज भी एक ऐसा देश...

आइए जानते हैं टीवी चैनल्स के आमदनी का जरिया टीआरपी(TRP) के बारे में

आज कल हम अक्सर यह सुनते हैं कि टीवी चैनल की टीआरपी बढ़ रही है या फिर घट रही हैं। दरअसल टीवी चैनल की...
बलात्कार,जो भारत जैसे संस्कृति प्रधान देश मे एक साधारण सी घटना बनकर रह गया है , हर 15 मिनेट में एक लड़की अपनी आबरू खो चुकी होती है।आज वह समय आ चुका है जब हमें पलटकर कुछ धधकते सवालों को देखना चाहिये और उनके जवाब तलाशने चाहिये।
सबसे पहले आपको ले चलते हैं निर्भया काण्ड पर,निर्भया काण्ड में क्या हुवा आप सबको पता है ,जो नही पता है वह मैं बताता हूँ…निर्भया काण्ड के बाद ऐसी वारदात न हों तथा अन्य विसंगतियों को रोकने के बहुउद्देशीय लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार ने “निर्भया फण्ड” का गठन किया और इसके तहत इस फण्ड के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु भारत सरकार ने कुल 3024 करोड़ रुपये राज्यों को दिये।

जिनमे से राज्यों ने सिर्फ 1919 करोड़ रुपया ही खर्च किया अर्थात 1105 करोड़ रुपया राज्य सरकारें दबा ले गयीं.. क्या आज यह सवाल नहीं पूँछा जाना चाहिये कि एक सार्थक उद्देश्य हेतु दिये गये बजट का प्रयोग इतना कम क्यों हुवा शेष रुपया कहाँ गया..? अगर कुछ मुख्य राज्यों की बात की जाये तो दिल्ली को 409.03 करोड़ रुपया मिला जिसमे से उसने सिर्फ 352.58 करोड़ ही खर्च किया,उत्तर-प्रदेश ने 324.98 करोड़ से सिर्फ 216.75 करोड़ ,तमिलनाडु ने 303.06करोड़ से सिर्फ 265.55 करोड़,कर्नाटक ने 191.72 करोड़ से सिर्फ 13.63 करोड़, आंध्र प्रदेश ने 20.85 करोड़ से सिर्फ 8.14 करोड़ ,बिहार ने 22.58 करोड़ से सिर्फ 7 करोड़ और गुजरात ने 70 करोड़ से सिर्फ 1.18 करोड़ रुपये ही खर्च किये ।

अब क्या इस विषय को लेकर सरकार को जवाब नही देना चाहिये कि शेष फण्ड कहाँ गया उसका राष्ट्र हित मे प्रयोग क्यों नहीं हुवा? दूसरी अहम बात सरकार यह कब स्पष्ट करेगी कि ‘इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम’ कहाँ है? ‘वन स्टॉप स्कीम’ क्या वर्क कर रही है?

कहाँ है आपकी ‘महिला पुलिस वालंटियर’ और क्या कर रही है आपकी ‘महिला हेल्पलाइन’ आज पूरे बौद्धिक वर्ग को यह सवाल पूँछना चाहिये क्योंकि आंकड़ों के मुताबिक़ 2013 में पूरे भारत मे 33707 रेप केस,2014 में 36975 तथा 2016 में 38947 और 2018 में 33356 रेप केस निकलकर सामने आये।

इसके अलावा अगर 2019 पर नज़र डालें तो सबसे ज़्यादा रेप केस राजस्थान में 5997, उत्तर प्रदेश में 3065 ,मध्य प्रदेश में 2485 और महाराष्ट्र में 2299 तथा सबसे ज्यादा साक्षरता वाले केरल में 2023 रेप केस सामने आये ।इस प्रकार महिला वर्ग के प्रति हो रही इस अमानवीयता के दौर में यह सवाल उठना लाज़मी हो जाता है कि आपकी विभिन्न एजेंसियां व पुलिस क्या कर रही हैं ?

women protest

 

अब थोड़ा बात हाल की कर लें ,लगभग 15 दिन पहले हाथरस में एक वारदात होती है जिसे पहले मारपीट का बाद में रेप का नाम दे दिया गया हालाँकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फोरेंसिक रिपोर्ट दोनों ने इस बात की पुष्टि की कि यह रेप केस नहीं था लेकिन इतना तो सत्य है कि उस लड़की की हत्या की गयी.. स्वयं प्रधानमंत्री ने मामले को संज्ञान में लिया और विशेष जाँच दल गठित हुवा और उसने अपनी जाँच भी शुरू कर दी है।

हाई कोर्ट ने स्वयं भी मामले को संज्ञान में लेकर जवाब तलब किया है सरकार को इसके अलावा मृतक के परिजनों को प्रारंभिक स्तर पर 10 लाख रुपये भी दिये जा चुके हैं और सबसे बड़ी बात निर्भया की वकील रही सीमा समृद्धि ने इस केस को निःशुल्क लड़ने की घोषणा की, अर्थात वहाँ सबकुछ विधिवत चल रहा है।

इसी बीच इसमें कोंग्रेस की राजनीतिक एंट्री हो जाती है और शुरू होती है लाश पर सियासत ,क्या काँग्रेस इस सवाल का जवाब देगी की जब बुलंदशहर में 14 साल की लड़की का रेप हुवा है।

बागपत में , आजमगढ़, बलरामपुर, भदोही, कानपुर, फतेहपुर , इन सब जगह हत्या हुई बलात्कार हुवा तो ऐसे में इन सभी को सहानुभूति और सहारा न देकर काँग्रेस 300 गाड़ियों के काफ़िले के साथ वहाँ जाने की जिद पर क्यों अड़े जहाँ सब कुछ हाइकोर्ट की निगरानी में हो रहा है और धारा 144 लगी है ,क्या काँग्रेस को यह अन्य बेटियाँ नहीं दिखी आख़िर काँग्रेस ने इन सबके लिये आवाज़ बुलंद क्यों नहीं की…?

सिर्फ इसलिये क्योंकि वह सत्य और न्याय के लिये नहीं बल्कि अपने सत्ता लोलुप स्वार्थ के लिये सुर्खियाँ बटोर रही है। क्या आज आपको आगे आकर इन राजनैतिक दलों से सवाल नहीं करना चाहिये कि आख़िर वह मौत और सियासत क्यों कर रहे हैं?
एक बात ध्यान रहे संसद में उपस्थित पक्ष और विपक्ष दोनों जनता के प्रति जवाब देह हैं और उन्हें जवाब देना ही होगा क्योंकि वह संसद तक जन प्रतिनिधि बनकर ही पहुंचे हैं। इसलिये उठो,जागो,आगे आओ और सरकार तथा हर उस नेता की आँख में आँख डालकर अपनी सुरक्षा का हक़ मांगो जिन्हें आपने अपना मत दिया है अगर आज आप चुप रहे तो याद रखियेगा कि आग किसी का घर नही पहचानती, यह हवा है और इसका रुख कभी भी आपके घर की तरफ हो सकता है।

लेखक:  सिद्धार्थ अर्जुन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय,प्रयागराज

- Advertisement -corhaz 3

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -corhaz 300

Latest article

ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म क्या है और यह डिजिटल मीडिया पर क्यों धूम मचा रहा है?

आज से कुछ साल पहले लोगों को कई सारे काम करने के लिए घर से बाहर जाना होता था। किंतु आज के इंटरनेट के...

पीएम किसान सम्मान : RTI से पता चला 20 लाख से अधिक अपात्र लोगों को भेज दी गई करोड़ों की धनराशि

लोकसभा चुनाव के ठीक मोदी - 2 सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पीएम किसान सम्मान को लागू...

अफ्रीका का यह राजा हर साल शादी करता है और जी रहा आराम की जिंदगी

दुनिया के अधिकांश देशों से राजशाही व्यवस्था को सालो पहले से खत्म कर दिया गया है। लेकिन अफ्रीका में आज भी एक ऐसा देश...

आइए जानते हैं टीवी चैनल्स के आमदनी का जरिया टीआरपी(TRP) के बारे में

आज कल हम अक्सर यह सुनते हैं कि टीवी चैनल की टीआरपी बढ़ रही है या फिर घट रही हैं। दरअसल टीवी चैनल की...

कोरोना काल में लोगों में बढ़ा मोटापा, आर्थिक चिंता और भावनात्मक तनाव से भी हैं लोग परेशान

कोरोना वायरस महामारी पर काबू पाने के लिए दुनिया भर के कई देशों ने लॉकडाउन के विकल्पों को अपनाया था। अब इसके संबंध में...