बिल्डिंग सरकारअतिक्रमण के बजाय जप्त करे
नजरिया

संविधान के कानून में संशोधन कर बिल्डिंग सरकारअतिक्रमण के बजाय जप्त करे

सरकार कानून व्यवस्था में बदलाव करके नया कानून बनाएं, जिस प्रकार से कोर्ट ने निर्णय दिया है कि अपराधियों की अवैध संपत्ति का अतिक्रमण किया जाए मेरे समझ से यह गलत है क्योंकि बिल्डिंग को गिराने से व्यक्ति विशेष की आर्थिक क्षति होगी।

अभी हाल फिलहाल अपराधियों के गलत तरीके से अवैध कब्जा होने का साक्ष्य मिला और हाई कोर्ट की अदालत ने संविधान की धारा का गरिमा रखते हुए जज साहब पूर्व सांसद अतीक अहमद व ऐसे कई बाहुबली अपराधियों व उनके सगे संबंधी अपराधियों का मकान और होटलों को गिराने का आदेश देते है इससे उन व्यक्तियों का किसी प्रकार का क्षति नहीं है क्योंकि वह अवैध तरीके से कमा कर बिल्डिंग का निर्माण किए हैं इसमें उनका खून और पसीना नहीं लगा, लेकिन निर्माण में मेहनत मजदूरी, सामग्री में पैसे खर्च हुए हैं।

सरकार बदलते ही यह फिर किसी ना किसी तरह गोलमेल कर अवैध तरीके से पुन:निर्माण करते लेते हैं। अब यहां पर सरकार को चाहिए कि वह संविधान को संशोधित कर एक ऐसा सख्त कानून बनाएं जो सरकार और जनता के हित में हो।

सरकार इन बिल्डिंगों को गिराने के बजाय उसे पूर्णत: अपने अधीन जप्त करने का अधिकार बनाए । इस पर सरकार गहन चिंतन कर संविधान में नए कानून बनाकर संसद से पारित करें ।

बिल्डिंग को अतिक्रमण (गिराने) के बजाय बिल्डिंग सरकार अपने अधीन जप्त करने का कानून बनाएं।
जब यह नियम बन जाएगा तो इस पर सरकार का पूरा-पूरा अधिकार हो जाएगा और सरकार इन जप्तबिल्डिंग को अपने अनुसार अपने उपयोग में लाएगी।

जो बिल्डिंग जिस क्षेत्र में है वह उस क्षेत्र के सभी सरकारी विभाग जैसे पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, जल विभाग , विद्युत विभाग स्वास्थ्य विभाग की जो भी ऑफिस दफ्तर पुरानी या जर्जर है या फिर किराए पर है इन दफ्तरों को सरकार इन्हीं बिल्डिंग में शिफ्ट कर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए ।

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यदि बिल्डिंग मार्केट एरिया में तो सरकार मार्केट बनाकर बिल्डिंग को किराए पर उठा सकती है,  इन्हीं पैसों से नए रोजगार के अवसर तलाश कर सरकार लोगों को रोजगार मुहैया कराएं । सरकारी आवास के रूप में भी सरकारी कर्मचारियों को हाउस रेंट लेकर दे सकती है
गरीब मजदूरों को कॉलोनी के रूप में दे सकते है ।

आप गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को मकान मुहैया कराते हैं इसमें भी तो आप भवन निर्माण के लिए एक लाख से 500000 रूपया तक का मूल राशि देते हैं। यहां से भी आर्थिक बचत होगी।

ऐसा करने से हमारे देश की आर्थिक व्यवस्था मजबूत होगी और उन्नत की ओर अग्रसर आगे बढ़ेंगे। सरकार के कोष में आर्थिक वृद्धि होगी और इन्हीं पैसों से सरकार सहायता देकर नए कॉलेज अस्पताल, कंपनियों का निर्माण कर रोजगार अवसर तलाश कर बेरोजगारी को दूर करें। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और खुशहाली आएगी ।

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सरकार इन्हीं जप्त बिल्डिंग प्रॉपर्टी के पैसों से नए विद्यालय, डिग्री कॉलेज,मेडिकल कॉलेज , इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कर आने वाले भारत के भविष्य बच्चों का मार्ग प्रशस्त कर भारत को मजबूत बनाए। जहां की शिक्षा व्यवस्था अच्छी होती है वहां अपराध कम होता है और मेरा मानना है कि एक विद्यालय खोलना 10 जेल बंद कराने के बराबर है ।

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सरकार इन्हीं पैसों से नए अस्पताल निर्माण कर अपने स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करें कैसे हर तबके के लोगों का इलाज अच्छे से हो जाए ।अस्पताल खुलने से बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा। मेरा मानना यह है कि एक अस्पताल खोलना 10 मंदिर बनवाने के बराबर है। यह शुभ कार्य कर सरकार भारत देश को मजबूत बनाएं।

भारत सरकार इन्हीं पैसे से नए-नए कंपनियों का निर्माण कर स्वदेशी सामग्रियों का उत्पादन कर भारत देश को आत्मनिर्भर बनाएं और इन कंपनियों में रोजगार के अवसर तलाश कर जो आई आई टी ,बीटेक, एमटेक पॉलिटेक्निक,आई टी आई बेरोजगार अभ्यार्थी हैं उनको रोजगार देकर भारत देश को प्रशस्त बनाएं।इन बिल्डिंग के अतिक्रमण कर देने से समस्या का समाधान नहीं बल्कि इन बिल्डिंगों को सरकार जप्त कर करके उपयोग में लाकर भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।

सुन बेरोजगार की पुकार
दे दो रोजगार सरकार,
बिल्डिंग गिरा बेरोजगार कर
पकौड़ा तलवाओगे सरकार,
बिल्डिंग जप्त कर खोल कंपनी
दे दो रोजगार सरकार ।

इन पहलुओं पर सरकार जल्द से जल्द चिंतन कर ठोस कदम उठाकर भारत देश को प्रशस्त और मजबूत बनाएं।

लेखक– धीरेंद्र सिंह नागा

( ग्राम जवाई तिल्हापुर जिला कौशांबी पिन 21 22 18 उत्तर प्रदेश )

Dheerendra

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