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Saturday, January 16, 2021

पर्यावरण के लिए काम करने वाली ग्रेटा थनबर्ग भी हो चुकी है डिप्रेशन का शिकार

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पर्यावरण के लिए काम करने वाली ग्रेटा थनबर्ग को आज हर कोई जानता है । ग्रेटा आज के हजारों युवाओं के लिए रोल मॉडल हो गई है । लेकिन ग्रेटा के पिता ने खुलासा किया है कि एक वक्त ऐसा भी था जब वह डिप्रेशन के दौर से गुजर रही थी ।

ग्रेटा थनबर्ग तीन से चार साल तक डिप्रेशन का शिकार रही और इस दौरान ग्रेटा  ने खाना खाना, किसी से बात करना जैसी तमाम चीजें बंद कर दी थी । ग्रेटा के पिता ने कहा कि जब ग्रेटा ने जलवायु परिवर्तन के लिए विरोध का नेतृत्व करने का निर्णय लिया तो लगा उनके लिए गलत था । ग्रेटा के लिए यह साल उतार-चढ़ाव भरा रहा ।

लेकिन आज ग्रेटा को युवा अपना आदर्श मानते हैं और दुनिया भर में पर्यावरण कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती हैं । ग्रेटा ने पर्यावरण कार्यकर्ता के रूप में हजारों युवाओं को उकसाया और संयुक्त राष्ट्र के शिखर सम्मेलन में एक भावुक भाषण दिया और व्यक्तिगत पुरस्कार भी जीता । ग्रेटा के पिता ने विस्तार से बताएं कि कैसे उनकी बेटी ग्रेटा एक ईको – योद्धा बनी ।

ग्ग्रेटा के पिता ने बीबीसी रेडियो फ़ोर टुडे के कार्यक्रम में बोल रहे थे और उन्होंने कहा कि ग्ग्रेटा तीन से चार साल तक डिप्रेशन के शिकार थी । 2018 में जलवायु परिवर्तन का विरोध करने की वजह से उनकी बेटी ग्रेटा ने अपनी कक्षाएं छोड़ना प्रारंभ कर दिया और डिप्रेशन की वजह से ग्रेटा ने बात करना बंद कर दिया और खाना खाने से भी इंकार कर देती थी।

यह भी पढ़ें : पर्यावरण संरक्षण के लिए विदेश की नौकरी छोड़ जैविक खेती करने लगे गुजराती दम्पत्ति

इसके बाद उन्होंने स्वीडन में अपने घर पर ग्रेटा और उसकी छोटी बहन बीटा के साथ वक्त बिताना शुरू कर दिए । इसके बाद 14 साल की ग्रेटा की बहन बीटा को अटेंशन डिफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर, सिंड्रोम और ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर जैसी बीमारी के बारे में पता चला ।

ग्रेटा थनबर्ग तीन से चार साल तक डिप्रेशन का शिकार रही और इस दौरान ग्रेटा  ने खाना खाना, किसी से बात करना जैसी तमाम चीजें बंद कर दी थी ।
ग्रेटा थनबर्ग तीन से चार साल तक डिप्रेशन का शिकार रही और इस दौरान ग्रेटा ने खाना खाना, किसी से बात करना जैसी तमाम चीजें बंद कर दी थी ।

इसके पहले ग्रेटा महिलाओं के लिए काम करने वाली कार्यकर्ता के साथ एक सिंगर भी रही हैं । लेकिन उसने अपने को किसी के ऊपर बोर्डन बनाने के बजाय अपने आपको सुपर पावर बनाने पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया ।

ग्रेटा की माँ एक प्रसिद्ध ओपेरा गायिका है और उन्होंने अपने कई सारे अनुबंध रद्द कर दिए ताकि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ रह सके और समय दे सके ।

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इसी बीच उन्होंने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को देखना शुरू किया तो ग्रेटा ने इस विषय में रुचि विकसित की । पश्चिमी राजनेताओं और सांस्कृतिक हस्तियों के अनुकूल मीडिया कवरेज मिलने के बाद भी ग्रेट बहुत ज्यादा प्रशंसा हासिल नहीं कर सकी क्योंकि ग्रेटा को काम करने के दौरान उन्हें बाल शोषण का शिकार भी कहा गया ।

ग्रेटा के पिता ने बीबीसी के प्रसारण पर कहा कि उन्हें लगा कि ग्रेटा के लिए जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में फ्रंट लाइन  पर जाना एक बुरा विचार था । लेकिन उनकी बेटी आलोचना को अविश्वसनीय रूप से अच्छी तरह से संभाल लेती है ।

अब यूरोप से लेकर अमेरिका तथा पीछे की यात्रा देखें साथ ही हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के जलवायु शिखर सम्मेलन और मेड्रिड में एक सम्मेलन में ग्रेटा दिखाई दी । ग्रेटा ने स्वीडन लौटकर अपने हस्ताक्षर अभियान को फिर से शुरू किया और अब वह वास्तव में स्कूल जाना चाहती हैं ।

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