मानवाधिकार दिवस

लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने को हुई मानवाधिकार दिवस की शुरुआत

आज यानी कि 10 दिसंबर को दुनिया भर में हर साल अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है । 10 दिसंबर को 1948 में संयुक्त राष्ट्र के  56 सदस्यों ने मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की थी और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाये जाने की बात हुई ।

हर साल मानवाधिकार के लिए एक थीम निर्धारित होती है और इस बार साल 2019 के लिए मानवाधिकार की थीम है – “स्थानीय भाषा का साल : मानव अधिकारों की संस्कृति को बढ़ावा देना और इसे और अधिक मजबूत बनाना

क्या होता है मानवाधिकार

हर व्यक्ति के लिए कुछ मूलभूत अधिकार निर्धारित किए गए हैं जिसमें व्यक्ति के जीवन स्वतंत्रता, समानता और प्रतिष्ठा से जुड़े अधिकार शामिल हैं । इन्हीं से जुड़े अधिकारों को मानवाधिकार कहा जाता है । भारत के संविधान में भाग 3 में मूल अधिकार का वर्णन हुआ है । इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र की ओर से भी अंतरराष्ट्रीय समझौते के बाद कई सारे मानवाधिकारों को शामिल किया गया है जिसमें प्रदूषण मुक्त वातावरण में जीने का अधिकार, पुलिस एवं न्यायिक अभिरक्षा में यातनापूर्ण और अपमानजनक व्यवहार ना होने का अधिकार, महिलाओं के साथ सम्मान जनक व्यवहार आदि ।

जब इन मानवाधिकारों का हनन होता है तो मानवाधिकार आयोग का दरवाजा कोई भी खटखटा सकता है । दुनिया के हर व्यक्ति को समान रूप से जीने का अधिकार मिला हुआ है । मानव अधिकार के तहत ही लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतें सुनिश्चित करने का भी अधिकार है ।

सभी देशों की सरकारों को यह सुनिश्चित करना होता है कि उसके देश के नागरिक की बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही है या नही । मानव अधिकार के तहत ही लोगों को भोजन, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे जरूरी संसाधनों की भी गारंटी दी जाती है और जब सरकार, प्रशासन या फिर किसी संस्था के द्वारा नागरिकों का किसी भी तरह से उत्पीड़न होता है तो ऐसी स्थिति में मानव अधिकार के तहत लोगों को आजादी और समानता की सुरक्षा की जाती है ।

मानवाधिकार के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय कानून के क्षेत्र में प्रोसेसर हैनकीन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । कोलंबिया यूनिवर्सिटी से कानून विद्यापीठ में एक शिक्षक के रूप में उन्होंने अपने पांच दशक के कैरियर में मानवाधिकार के क्षेत्र में बहुत काम किया है । द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय कानून की रूपरेखा तैयार करने में प्रोफेसर हैनकिन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया । प्रोफ़ेसर हैनकिन को फादर ऑफ ह्यूमन राइट्स भी कहा जाता है ।

मानव अधिकार अधिकार आयोग और उसके काम

मानव अधिकार की रक्षा के लिए 28 अक्टूबर 1993 को भारत में मानव अधिकार अध्यादेश के संरक्षण की तहत एक स्वायत्त संस्था का गठन किया गया जिसे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नाम से जाना जाता है । जिस भी व्यक्ति का मानवाधिकार का हनन होता है वह पीड़ित व्यक्ति या उसकी तरफ से कोई अन्य व्यक्ति याचिका दायर कर आयोग में सुनवाई और कार्यवाही करता है । इसके साथ ही अदालत की स्वीकृत से मानवाधिकार हनन संबंधी मामलों में हस्तक्षेप भी होता है ।

मानवाधिकार आयोग को जेल का निरीक्षण करने का भी अधिकार प्राप्त है । मानवाधिकार दिवस के दिन मानवाधिकार के क्षेत्र में 5 वर्षीय संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार और नोबेल का शांति पुरस्कार भी दिया जाता है । हर साल 10 दिसंबर को सरकारी, गैर सरकारी संस्थान, स्कूल – कालेजों और विभिन्न संस्थाओं की ओर से मानव अधिकार दिवस मनाया जाता है । इस अवसर पर मानवाधिकार के विषय पर चर्चा की जाती है । लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए रैली निकाली जाती है तथा सेमिनार आदि का भी आयोजन किया जाता है ।

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