11 C
Delhi
Monday, January 18, 2021

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार धूम्रपान करने वाले लोगों की संख्या में कमी आई

Must read

क्या जापान जानता है Subhash Chandra Bose के गायब होने का पूरा सच!

आजादी के महानायक नेता Subhash Chandra Bose के गायब होने का सच जापान को पता है, ऐसा कहना है नेताजी के परपौत्र चंद्र कुमार...

क्यों होता है पेट का कैंसर ( Colon Cancer ) ? क्या है इसके शुरुआती लक्षण

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो हमारे शरीर कि किसी भी हिस्से मे कभी भी हो सकती है। ज्यादातर हम लोग गले का कैंसर,...

सुबह के समय नाश्ते में Chocolate खाना है Beneficial For Health

चॉकलेट खाना हम सभी को अच्छा लगता है। लेकिन कुछ लोग किसी न किसी कारण से Chocolate खाना बंद कर देते है। लेकिन चॉकलेट...

Food Security में सबसे बड़ा खतरा बन रहा बढ़ता हुआ ऊसर क्षेत्र

हमारे देश में जिस तेजी से ऊसर क्षेत्र बढ़ा रहा है, यह खेती के साथ-साथ Food Security के लिए भी बड़ा संकट उत्पन्न कर...

ऐसा पहली बार हुआ है जब धूम्रपान करने वाले और तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले पुरुषों की संख्या में लगातार वृद्धि के बजाय उस पर काबू पाया गया है । विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में महामारी बनती जा रही समस्या के लिए तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों की संख्या में कमी आना एक अहम पड़ाव है ।

दुनिया भर में धूम्रपान करने वालों की संख्या में कमी  सरकारों के प्रयासों का नतीजा है । तम्बाकू इस्तेमाल करने वाले तम्बाकू छोड़ के जिंदगी जी है और स्वास्थ्य को सुरक्षित रख रहे है और तंबाकू को पराजित किया जा रहा है ।

इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में हर साल तंबाकू का सेवन परोक्ष रूप से करने से करीब 80 लाख लोगों की मौत हो जाती है । साथ ही प्रत्यक्ष रूप से तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले 70 लाख  लोग मौत के मुंह में चले जाते हैं । करीब 12 लोगों की मौत पैसिव स्मोकिंग की वजह से होती है यानी कि ऐसे लोग जो धूम्रपान नहीं करते लेकिन धूम्रपान करने वाले लोगों से प्रभावित होते हैं ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी की गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार साल 2000 की तुलना में 2018 में तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है और अब इसमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही है ।

धूम्रपान करने वाली महिलाओं की संख्या में भी कमी देखने को मिल रही है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों की संख्या में गिरावट देखने को मिली है और महिलाओं की संख्या में कमी आ रही । साल 2020 तक करीब एक करोड़ की और कमी देखने को मिलेगी ।

तंबाकू का प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सेवन करने से फेफड़ों का कैंसर संबंधी बीमारी सांस की बीमारी, मुह, गले और अन्य तरह के कैंसर होने की संभावना रहती है । साथ ही तंबाकू स्ट्रोक और दिल से संबंधी बीमारियों के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है । लोग तंबाकू का इस्तेमाल पाइप, वाटरपाइप, सिगार, सिगरेट और बीड़ी आदि के रम में करते हैं ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन में तंबाकू नियंत्रण इकाई के प्रमुख विनायक प्रसाद का कहना है कि लोगों द्वारा तंबाकू के सेवन में कमी वैश्विक रूप से  एक बड़ी उपलब्धि है । अभी हाल में ही कैल्फोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया था कि तंबाकू सेवन को नियंत्रित करने के बाद भी जो लोग ई सिगरेट का सेवन करते हैं उन लोगों में भी फेफड़ों के रोगों का खतरा करीब 3 गुना तक बढ़ जाता है ।

लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए तथा तंबाकू के सेवन को रोकने के लिए हर साल 31 मई को धूम्रपान तंबाकू  निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है ।

- Advertisement -corhaz 3

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -corhaz 300

Latest article

क्या जापान जानता है Subhash Chandra Bose के गायब होने का पूरा सच!

आजादी के महानायक नेता Subhash Chandra Bose के गायब होने का सच जापान को पता है, ऐसा कहना है नेताजी के परपौत्र चंद्र कुमार...

क्यों होता है पेट का कैंसर ( Colon Cancer ) ? क्या है इसके शुरुआती लक्षण

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो हमारे शरीर कि किसी भी हिस्से मे कभी भी हो सकती है। ज्यादातर हम लोग गले का कैंसर,...

सुबह के समय नाश्ते में Chocolate खाना है Beneficial For Health

चॉकलेट खाना हम सभी को अच्छा लगता है। लेकिन कुछ लोग किसी न किसी कारण से Chocolate खाना बंद कर देते है। लेकिन चॉकलेट...

Food Security में सबसे बड़ा खतरा बन रहा बढ़ता हुआ ऊसर क्षेत्र

हमारे देश में जिस तेजी से ऊसर क्षेत्र बढ़ा रहा है, यह खेती के साथ-साथ Food Security के लिए भी बड़ा संकट उत्पन्न कर...

आइये जाने क्या है बायो बबल (Bio Bubble) का घेरा जिससे खिलाड़ी रहेंगे सुरक्षित

कोरोना वायरस महामारी चीन से शुरू होकर पूरी दुनिया को दहशत में डाले है। मार्च से इसका प्रकोप बढ़ने लगा और यह लगातार वक्त...