hridayangan bhajan sandhya

डॉक्टर विधु भूषण त्रिवेदी जी ने अपने हृदय से अशीष अमृत वर्षा द्वारा ‘हृदयागंन भजन संध्या’ सजाकर हृदयांगन परिवार के मन का कोना कोना पावन किया

प्रोफेसर डॉ श्रीमति अलका अरोड़ा जी ने अपने सुदृढ संचालन द्वारा सजाई हृदयांगन की भजन-कीर्तन शाम

मुंबई की सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय संस्था हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक पंजीकृत संस्था ने देहरादून की डा0 अलका अरोड़ा के संचालन मे दुर्गानवमी 14 अक्टूबर 21 को भजन-कीर्तन संध्या का आनलाइन आयोजन किया।

इस यादगार सुनहरी शाम की अध्यक्षता की वरिष्ठ भजन संगीत की सुग्रहणी गायिका श्रीमती तृप्ति विश्वनाथ डोले वडोदरा से ।मुख्य अतिथि रही कानपुर से श्रीमती धारा त्रिपाठी पूर्व प्रधानाचार्या।

आमंत्रित कवियत्रियां एवं भजन गायिका थी हृदयांगन संस्था की संरक्षिका देहरादून से श्रीमती विद्युत प्रभा ‘मंजू’ जी,
कानपुर से श्रीमती मीरा दीक्षित, श्रीमती अंजू मिश्रा, लखनऊ से श्रीमती अनुपम शुक्ला, श्रीमती किरण मिश्रा, मुजफ्फरनगर उप्र से श्रीमती पूजा अग्रवाल नागदा उज्जैन से श्रीमती निकिता डोले, श्रीमती संपदा धर्माधिकारी, नवीं मुंबई से श्रीमती तनूजा चौहान मुंबई से श्रीमती अन्जू त्रिवेदी।

भजन गायन का यह सिलसिला दो सत्रों मे सायं साढे तीन से साढे सात बजे तक चला जिसमे भक्तिमय माहौल में सुर संगीत की ऐसी धारा बही कि जगजननी के इस विदाई बेला के साथ ही कान्हा, राधा, बजरंग बली तथा साईबाबा के भजनो ने समा बांध दिया। सभी कवि-गायिकाओ ने सुरीली आवाज मे संगीत कला की कसौटी से सधे स्वर मे मां के चरणों मे अपनी भेटे चढाई। ।

कार्यक्रम की अध्यक्षा श्रीमती तृप्ति विश्वनाथ जी डोले ने एक भजन मां के चरणो मे तथा दूसरा भजन सबको विजयादशमी दसहरे की बधाई देते हुए श्रीराम को अर्पित किया।उन्होने इस कार्यक्रम को एक उत्तम कार्यक्रम बताया तथा सबका खूब उत्साहवर्धन किया। उन्होने और सभी उपस्थितो की प्रस्तुतियो की सराहना की ।

आनलाइन से जुडे सभी श्रोताओ ने कार्यक्रम के भक्तिभाव से परिपूर्ण उद्बोधन तथा सभी सहभागियों को आमंत्रित करते समय संचालिका द्वारा आध्यात्मिक सूक्तियो एवं कविताओ के लिये उत्कृष्ट संचालन के लिये डा0 अलका अरोड़ा की भूरि भूरि सराहना की।

अन्त मे हृदयांगन संस्थाध्यक्ष विधुभूषण विद्यावाचस्पति ने अध्यक्ष तथा सभी की उपस्थित को हृदयतल से धन्यवाद देते हुये बाल कलाकारो कु0 धृति (सौम्या), कु0 अग्रिमा , चि0 मलय, लविन, अच्युत और अलख को रजत स्मृति चिन्ह तथा सम्मानपत्र तथा आज के सभी कवि भजन-कीर्तन प्रस्तुत करने वाली देवियों को महा लक्ष्मी अंकित चांदी का सिक्का तथा हृदयांगन सारस्वत गायन सम्मान 2021 प्रदान करने की बात कही।सभी सहभागियों को सम्मानपत्र आनलाइन भेज दिये गये है।

अन्त मे संस्था की संरक्षिका तथा आज के कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती विद्युत प्रभा मंजू जी ने आरती वंदन के साथ सभी उपस्थितो का आभार व्यक्त किया तथा केवल महिलाओ के लिये ऐसे आयोजन बार बार आयोजित करने का अनुरोध किया।

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