आईआईटी कानपुर ने बनाया एक ऐसा चैम्बर जो कोरोना वायरस को खत्म कर देगा
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आईआईटी कानपुर ने बनाया एक ऐसा चैम्बर जो कोरोना वायरस को खत्म कर देगा

कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए वैज्ञानिक दिन-रात जुटे हुए हैं और इसके लिए तरह तरह के शोध किए जा रहे हैं । कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए वैक्सीन और दवा बनाने के लिए शोध हो रहा है जिसमें भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल है ।

लेकिन इसी बीच आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए एक अनोखा उपाय खोजा है । आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने एक कीटाणुशोधन चेंबर बनाया है । मालूम हो कि चौथी बार के लॉक डाउन में कुछ शर्तों के साथ काफी छूट दी गई हैं और लोग सामान्य गतिविधियों की तरफ धीरे-धीरे लौटने लगे हैं ।

ऐसे में कहा जा रहा है कि आईआईटी कानपुर द्वारा बनाया गया यह चैम्बर काफी उपयोगी साबित हो सकता है । शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इस चेंबर की मदद से अस्पताल, शॉपिंग मॉल, बस स्टैंड जैसे भीड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में कोरोना वायरस के प्रवेश को रोका जा सकेगा ।

आईआईटी कानपुर द्वारा बनाए गए इस कीटाणु शोधन चैम्बर के विषय में कहा जा रहा है कि जब कोई व्यक्ति इस चेंबर से होकर गुजरेगा तब उसके शरीर और कपड़ों से लगभग 90 कीटाणु मर जाएंगे । इस चैम्बरकी खासियत यह है कि इसमें स्प्रे और हीटिंग चक दोनों एक ही साथ लगा दिए गए हैं ।

आईआईटी कानपुर के निर्देशक प्रोफेसर करंदीकर इसके विषय में कहा है कि फिलहाल आईआईटी कानपुर द्वारा इसे कानपुर के कुछ बेहद संवेदनशील इलाकों में लगाए जाने का प्रस्ताव है । वही आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर ने दावा किया है कि इस विशेष चैम्बर में केमिकल स्प्रे एयर हीटिंग का जरिये शरीर पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देते हैं और जब कोई भी इस चैंबर से होकर गुजरता है तो उसके ऊपर से लगभग 90 फीसदी कीटाणु मर जाते हैं ।

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इस विशेष चैम्बर में एक स्प्रे लगा हुआ है जिसमें केमिकल का स्प्रे होता है जो कोरोना वायरस को काफी हद तक मार देता है । इसके बाद इसमें एक हीटिंग चेंबर भी जुड़ा हुआ है जिसका तापमान करीब 65 डिग्री सेल्सियस रहता है और जब कोई व्यक्ति इस में प्रवेश करता है तब उस व्यक्ति के शरीर का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है और शरीर में जो भी कीटाणु स्प्रे के बाद बचे रहते हैं वह भी मर जाते हैं ।

Coronavirus in Iran

इस चैम्बर की खासियत यह है कि इसे किसी भी प्रकार से ऑपरेट करने की जरूरत नहीं पड़ती है । शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इस विशेष चेंबर की लागत ₹50,000 के लगभग आएगी लेकिन इसमें लगने वाले उपकरण बेहद आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं ।

इसलिए इसके उत्पादन में समस्या नहीं होगी और यह काफी कारगर साबित होगा । मालूम हो कि इसके पहले आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों द्वारा सस्ती पीपीई किट और  पोर्टेबल वेंटीलेटर भी भी हाल में ही तैयार किया गया था । कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए यहाँ कई शोध कार्य चल रहे है।

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