नाखूनों से मिलता है शरीर के स्वास्थ्य का हाल, इन संकेतों को समझ कर रखे अपने सेहत का ख्याल

नाखूनों से मिलता है शरीर के स्वास्थ्य का हाल

नाखूनों से मिलता है शरीर के स्वास्थ्य का हाल

नाखूनों की सेहत के जरिए शरीर के स्वास्थ्य का हाल जाना जा सकता है। अगर नाखूनों के संकेतों को भली प्रकार से समझ लिया जाये तब बीमारियों से बचा जा सकता है और स्वास्थ्य का बेहतर ढंग से ख्याल रखा जा सकता है।

कभी कभी होता है कि कुछ लोगों के नाखून टूटने फटने लगते हैं या फिर उसमें सफेद धारियां पड़ने लगती हैं, या वो सफेद या पीले रंग के देखते हैं।

अगर इस तरह से नाखून में बदलाव दिख रहा है जो कि सामान्य नही है तब इसके लिए सावधान हो जाने की जरूरत है क्योंकि ये विभिन्न प्रकार की बीमारियों का संकेत हो सकता है।

हमारे शरीर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के जरिये सेहत का हाल बताता है और बताता है कि शरीर में कौन सी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं और शरीर में पोषण की स्थिति कैसे हैं?

शरीर के स्वास्थ्य में नाखूनों के भी आम भूमिका होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दिखने में भले ही छोटे होते हैं लेकिन कई बार नाखून के जरिए कई बड़ी बीमारियों के बारे में जाना जा सकता है।

अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं जो कि दिन भर घर परिवार की जिम्मेदारी संभालते हैं, अपनी सेहत के प्रति सबसे ज्यादा लापरवाह होती हैं।

यही वजह है कि महिलाओ के शरीर में कैल्शियम की कमी, एनीमिया, थायराइड जैसी कई बीमारियां होने की संभावना रहती है।

अगर समय रहते महिलाएं अपने नाखूनों को देखकर सतर्क हो जाएं तो अपने स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रख सकती हैं क्योंकि नाखून के जरिए शरीर में होने वाली विभिन्न बीमारियों को जाना जा सकता है।

एक तरह से नाखून खराब सेहत को लेकर चेतावनी देते हैं। आइये जानते हैं विभिन्न बीमारियों में नाखून किस प्रकार से संकेत करते हैं –

किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियों का संकेत

लोहिया आयुर्वैदिक संस्थान मे मेडिकल डिपार्टमेंट मे फिजिशियन डॉक्टर रितु करील का कहना है कि अगर नाखूनों का ध्यान दिया जाये तो नाखूनों के जरिये शरीर में होने वाली विभिन्न बीमारियों के बारे में संकेत के रूप में जानकारी मिल जाती है।

अक्सर देखा है जाता है कि कई सारे डॉक्टर नाखून को देखकर पल भर में शरीर के भीतर पलने वाले रोग के बारे में जान लेते हैं।

जैसे कि नाखूनों का सफेदी, पीले या नीले रंग का होना या फिर उनके आकार में बदला होना जैसे लक्षणों पर ध्यान दिया जाये तब समय रहते गंभीर रोग होने से बचा जा सकता है। डॉक्टर के अनुसार इन बदलावों को देखें तो इनके प्रति सावधान हो जाएं और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

सफेद नाखून

नाखूनों का सफेद होना शरीर में प्रोटीन की कमी को बताता है। इसके अलावा किडनी की खराबी, लीवर से जुडी की संभावना रहती है क्योंकि शरीर में प्रोटीन की कमी नाखूनों के जरिये इन बीमारियों का संकेत है।

सफेद नाखून के ऊपरी हिस्से में गुलाबी लाइन

जब नाखून के सफेद हिस्से के ऊपर की तरफ गुलाबी रंग की लाइन जैसा दिखे तब यह हृदय रोग और गंभीर आंतरिक इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है।

चम्मच के आकार का नाखून

अगर नाखूनों के आकार में बदलाव होता है जैसे कि अगर नाखूनों का आकार बदल कर चम्मच के जैसे हो जाता है तब यह शरीर में एनीमिया की कमी को दर्शाता है। एनीमिया खून से जुड़ी बीमारी है इसलिए इसके प्रति सावधान रहना चाहिए।

नाखून में गोलाई

अगर नाखून में गुलाब जैसा देखे तब यहां ह्रदय रोग फेफड़े की बीमारी और संक्रमण का संकेत देता है।

नाखून में गड्ढे

नाखून में कभी-कभी गड्ढे देखने को मिलते हैं। यह स्किन की बीमारी और सोरायसिस जैसे बीमारियों का लक्षण है।

नाखून में धारियां

अगर नाखून में धारियां दिखती हैं तब यह शरीर में विटामिन बी, विटामिन बी 12 और जिंक की कमी का संकेत करता है।

पीले नाखून

नाखूनों का पीला रंग पीलिया (ज्वाइंडिस) का लक्षण है

नीला नाखून

नाखूनों का नीला रंग ह्रदय औए फेफड़े में ऑक्सीजन की कमी को दर्शाता है।

नाखूनों का अपने सतह से अलग होना थायराइड बीमारी का लक्षण है।

नाखूनों का खराब होना

नाखूनों का खराब होना फंगल इन्फेक्शन का लक्षण होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नाखूनों का रंग फीका पड़ना, बेरंग होना, सफेद पड़ना पोषण की कमी या फिर दूसरी बीमारियों की तरफ संकेत करते हैं। दरअसल नाखून कैरोटीन नामक प्रोटीन से बना होता है।

हर व्यक्ति में बीमारियों के कारण अलग-अलग हो सकते हैं कभी-कभी जेनेटिक बीमारी भी होती हैं। बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि नियमित तौर से हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन किया जाये, अपने डाइट में हाई प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन को शामिल किया जाये।

इसके अलावा नियमित तौर नींबू का रस, गुलाब जल, सिरके जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाये। नाखूनों को स्वस्थ रखने और सडन से बचाने के लिये नींबू के रस, गुलाब जल, सिरका और लहसुन से इसकी मालिश भी की जा सकती है।

 

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