नेपाल के नए राजनीतिक मानचित्र पर क्यों मचा है बवाल !!
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नेपाल के नए राजनीतिक मानचित्र पर क्यों मचा है बवाल !!

अभी हाल में ही नेपाल की सरकार ने एक नए राजनीतिक  मानचित्र  को जारी करते हुए उसे मंजूरी दी है जिसमें लिपुलेख, कालापानी, लिपिपुरा को नेपाल ने अपना क्षेत्र बताया है, जबकि यह तीनों ही क्षेत्र भारत के कब्जे में आते हैं । मालूम हो कि वर्तमान समय में नेपाल की सत्ता पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने संसद के सामने एक विशेष प्रस्ताव रखते हुए इन तीनों इलाकों को नेपाल में फिर से शामिल करने की मांग की है ।

बता दें कि इसके पहले मंगलवार को चीन ने कहा था कि काला पानी का विवाद चीन और नेपाल के बीच का विवाद है । वही अभी भारतीय सेना के प्रमुख ने भी कहा था कि उत्तराखंड के धारचूला से लिपुलेख को जोड़ने वाले रास्ते पर नेपाल ने जो विरोध जताया है वह किसी के कहने पर है और इसके पीछे कई कारण भी हो सकते हैं । भारत ने अंदेशा जताया था कि नेपाल के इस विरोध की वजह चीन हो सकता है ।

मालूम हो कि भारत और नेपाल के बीच 1800 किलोमीटर का खुला बॉर्डर है लेकिन भारत और नेपाल के बीच उस वक्त विवाद बढ़ गया जब अक्टूबर में नेपाल ने एक नया राजनैतिक मानचित्र जारी किया था । नेपाल द्वारा इस नए राजनैतिक मानचित्र में काला पानी जो कि नेपाल की सीमा से सटा है और लिपीपुरा को अपने क्षेत्र में शामिल करने की बात कही गई थी ।

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वहीं भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि नेपाल के साथ लगी भारत की सीमा में कोई भी संशोधन नहीं किया गया है । लेकिन दोनों देशों के बीच फिर से तनाव हो गया, जब 8 मई को भारत ने लिपुलेख और चीन के कैलाश मानसरोवर रास्ते को जोड़ने वाली सड़क का उद्घाटन कार्यक्रम किया। मालूम हो कि कालापानी एक ऐसी जगह है जो भारत, चीन और नेपाल तीनों देश की सीमा से सटा हुआ है । इसकी लंबाई करीब 372 किलोमीटर के आसपास है ।

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भारत की माने तो कालापानी नाम की जगह भारत उत्तराखंड राज्य के हिस्से में आता है । वही नेपाल ने इसे अपने हिस्से में बताया है । मालूम हो कि 1816 में नेपाल और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया के बीच सुगौली संधि हुई थी जिसमें काला पानी में बहने वाली महाकाली नदी को दोनों देश  भारत और नेपाल के बीच की सीमा रेखा कहा था ।

इस विषय में नेपाल इस विवादित इलाके के बारे में दावा करता है कि पश्चिम से भ रही नदी इस महाकाली नदी का उद्गम स्थल है और उसी वजह से कालापानी नेपाल के हिस्से में आता है लेकिन भारत इसे जिस क्षेत्र को नदी का उद्गम स्थल बताता है वह भारत के क्षेत्र में होता है । कालापानी शेष भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यही पर लिपुलेखा नाम की जगह से भारत चीन पर आसानी से नजर रख सकता है । एक बड़ी वजह ये भी है जिस वजह से चीन नेपाल को अपने मे मिला कर भारत के खिलाफ भड़काने की कोशिस में लगा है ।

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