कोरोना वायरस का कोई भी रामबाण इलाज नहीं
नजरिया

कोरोना वायरस को लेकर डब्ल्यूएचओ (WHO) ने आगाह करते हुए कहा कि इसका कोई रामबाण इलाज नही

विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर ने कोरोना वायरस के संदर्भ में लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस का कोई भी रामबाण इलाज नहीं है और हो सकता है इसका कोई रामबाण इलाज कभी हो भी न।

यह बात उस समय कही गई है जब दुनिया में कई वैक्सीन अपने तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि दुनिया में कोरोना वायरस के वैक्सीन को लेकर होने वाले ट्रायल से हम उम्मीद करते हैं कि यह बहुत सारे लोगों को इंफेक्शन से बचाने में मदद करेगा।

हालांकि इस वक्त कोरोना वायरस का कोई भी रामबाण इलाज नहीं है और हो सकता है कभी हो भी न।उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना वायरस वैक्सीन महामारी के चलते उत्पन्न हुआ हालात सही होने में अभी और वक्त लग सकता है।

डब्ल्यूएचओ ने ब्राजील और भारत के संबंध में कहा है कि भारत और ब्राज़ील जैसे देशों को कोरोना से हर तरह से जंग लाने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए। क्योंकि इस महामारी से निकलने में अभी लंबा रास्ता तय करना है और इसके लिए इस समय प्रतिबद्धता की जरूरत है।

बता दें कोरोना वायरस महामारी के बीच 3 महीने पहले डब्ल्यूएचओ की इमरजेंसी कमेटी की बैठक हुई थी और उसके बाद से अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले 5 गुना से भी ज्यादा वृद्धि देखी गई है।

कोरोना वायरस के संक्रमण से पीडित होने वाले लोगों की संख्या पौने दो करोड़ हो चुकी है। मृतकों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। दुनिया में अब तक करीब 6,80,000 लोगों की मौत कोरोना वायरस से हो चुकी है।

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बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कोरोना वायरस संबंधी एक आपातकालीन मीटिंग कमेटी बनाई गई है जिसमें 17 सदस्य हैं और 12 सलाहकार हैं और इन सभी लोगों का कहना है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को अभी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात की श्रेणी में रखा जाएगा।

दुनिया के कई देशों ने कोरोना वायरस के प्रसार पर काबू पाने के लिए सख्त लाभ डाउन भी किया था। लगभग 2 से 3 महीने तक लगभग सभी क्षेत्र को पूरी तरीके से बंद कर दिया गया था और इसका सबसे ज्यादा नकारात्मक प्रभाव दुनिया के सभी देशी की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिला है।

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कोरोना वायरस महामारी के चलते भारत अमेरिका समेत दुनिया की हर देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरीके से प्रभावित हुई है। लोग कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं। दुनिया भर के वैज्ञानिक इसके संबंध में दिन-रात शोध कर रहे हैं और ट्रायल में लगे हुए हैं।

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अभी हाल में ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन का दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल भारत में किए जाने की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा भी दुनिया के कई देश कोरोना वायरस वैक्सीन के ट्रायल की बात कर चुके हैं।

भारत में भी कोरोना वायरस का प्रसार लॉकडाउन के खत्म होने के बाद काफी तेजी से हो रहा है। हाल यह है कि पिछले एक हफ्ते से हर दिन लगभग 50,000 से भी अधिक कोरोना वायरस के नए मामले सामने आ रहे हैं।

हालांकि इसमें राहत की बात यह है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने वाले की संख्या भी बढ़ रही है और मृत्यु दर कम है।

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