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Tuesday, March 2, 2021

जम्मू कश्मीर मे तो अब आप जमीन खरीद सकते हैं लेकिन इन राज्य में अभी भी हर किसी को जमीन खरीदने का अधिकार नही

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जम्मू कश्मीर को दुनिया का स्वर्ग कहा जाता है। कहा जाता है कि अगर स्वर्ग कही बसता है तो वह जम्मू-कश्मीर में ही बसता है।

इस खास विशेषता के चलते ही जम्मू कश्मीर की दुनिया में एक अलग ही पहचान है। हालांकि इस स्वर्ग में अपना खुद का घर बनाना हर भारतीयों के लिए आसान नही था लेकिन अब ऐसा मुमकिन हो गया है।

केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में भूमि स्वामित्व संबंधी अधिनियम को संशोधित कर दिया है। अब भारत का कोई भी नागरिक जम्मू कश्मीर में जमीन खरीद सकता है और घर बना सकता है।

लेकिन आज भी देश के कई सारे ऐसे राज्य हैं जहां पर दूसरे प्रदेश के लोग जमीन नही खरीद सकते हैं और अपना घर नही बना सकते हैं।

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भारतीय संविधान का अनुच्छेद 371 कुछ राज्यों को विशेष अधिकार देता है। आजादी के इतने साल बाद भी देश के कई हिस्सों को संघ में शामिल करने और उसके विशेषता को बनाए रखने के लिए संविधान द्वारा उन्हें अधिकार प्रदान किया गया है।

dal lake kashmir

भारत के पूर्वोत्तर राज्य में और हिमालयन राज्यों में बाहरी राज्य के लोगों को जमीन खरीदने का अधिकार नही है। इसके लिए संविधान में अनुच्छेद 371(a) से अनुच्छेद 371(j) कुछ प्रावधान दिए गए हैं।

विभिन्न राज्यो में अनुच्छेद 371 के प्रावधान

आइए जानते हैं उन राज्यों को जहां दूसरे राज्य के नागरिक जमीन नहीं खरीद सकते –

हिमाचल प्रदेश

अनुच्छेद 371 के तहत हिमाचल प्रदेश को विशेष अधिकार मिला है जिसके तहत हिमाचल प्रदेश के अलावा दूसरे राज्य का कोई भी नागरिक हिमाचल प्रदेश में कृषि के लिए भूमि नही खरीद कर सकता है। हालांकि कुछ मामलों में उसे दूसरे राज्य के नागरिक जमीन खरीद सकते हैं लेकिन उसके लिए वहां की राज्य सरकार से लेना आवश्यक है।

नागालैंड

स्थानीय आदिवासियों को उनकी जमीन पर सुरक्षित करने के लिए नागालैंड को भी विशेष अधिकार दिया गया है। नागालैंड का स्थाई निवासी न होने पर कोई भी दूसरे राज्य का नागरिक वहां पर जमीन नहीं खरीद सकता है।

असम

पूरे असम मे तो नही लेकिन असम के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहां पर दूसरे राज्य के लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं। यह आदिवासियों के लिये संरक्षण प्रदान किया गयाहैं और बाहरी लोग यहां पर आकर नही बस सकते हैं।

मणिपुर

नागालैंड की तरह ही मणिपुर को भी जनजातियों की जमीन को सुरक्षित करने के लिए विशेष अधिकार दिया गया है और यहां पर दूसरे राज्य का कोई भी नागरिक जमीन नही खरीद सकता है।

 सिक्किम

सिक्किम में जमीन खरीदने के लिए बेहद सख्त कानून बनाए गए हैं। यहां पर राज्य से बाहर का कोई भी व्यक्ति स्थानीय लोगों की जमीन नहीं खरीद सकता है। इसके अलावा आदिवासी इलाकों की भी जमीन अन्य कोई दूसरी राज्य का नागरिक नहीं खरीद पाएगा।

 मिजोरम

मिजोरम में जनजाति के लोगों को विशेष अधिकार मिला है। यहां पर मालिकाना हक सिर्फ स्थानीय आदिवासी लोगों को दिया गया है। बाहरी लोग यहां पर बिजनेस के लिए सरकार से जमीन ले सकते हैं। लेकिन रहने के लिए यहां पर जमीन नहीं खरीद सकते है।

अरुणाचल प्रदेश

पूर्वोत्तर का एक राज्य अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय लोगों को विशेष अधिकार देता है। यहां पर दूसरे राज्य के नागरिक जमीन नहीं सकते हैं।

 कर्नाटक

हिमाचल प्रदेश की तरह है कर्नाटक में किसान जमीन खरीद सकते हैं लेकिन यहां पर खास बात यह है कि एक निश्चित आय से अधिक को किसान नही माना जाता है। यहां पर बिजनेस के लिए जमीन खरीदी जा सकती है लेकिन इसके लिए वहां के राज्य सरकार से अनुमति लेना जरूरी है।

 तमिलनाडु

तमिलनाडु में भी बाहरी राज्य के लोगों के लिए जमीन खरीदना मना है। यहां पर 59.51 वर्ग से ज्यादा कोई भी नही खरीद सकता है। यहां पर मकान बनाने के लिए जमीन खरीदना हो तो कम से कम उस जमीन का इस्तेमाल 10 साल तक कृषि कार्य के लिए न हुआ हो तभी उस जमीन को खरीदा जा सकता है।

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उत्तराखंड – जब से उत्तराखंड में जमींदारी उन्मूलन अधिनियम लागू कर दिया गया है वहां पर दूसरे राज्य के लोगों के लिए जमीन खरीदना मुश्किल हो गया है। बिल्डरों से जमीन बचाने के लिए उसकी एक निर्धारित संख्या से अधिक समय कोई भी नही ले सकता है।

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