तेंदुलकर ने सौरभ गांगुली को दी थी उनका कैरियर खत्म करने की धमकी

आखिर क्यों सचिन तेंदुलकर ने सौरभ गांगुली को दी थी उनका कैरियर खत्म करने की धमकी

भारतीय टीम के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को दुनिया के सबसे महानतम बल्लेबाजों में से गिना जाता है। सचिन तेंदुलकर को को क्रिकेट का भगवान भी कहा जाता है । सचिन मात्र 16 साल की उम्र में भारतीय टीम में शामिल हुए थे ।

सचिन तेंदुलकर बतौर बल्लेबाज बेहद सफल रहे और अपने क्रिकेट कैरियर में कई सारे अंतरास्ट्रीय रिकॉर्ड बनाएं जिन्हें टॉस पाना आज भी नमुमकिन से है । लेकिन बतौर कप्तान सचिन तेंदुलकर बहुत ज्यादा सफल नहीं हो पाए । सचिन की कप्तानी में रिकार्ड जो आंकड़े है वे बिल्कुल भी अच्छे नहीं है ।

सचिन भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फॉर्मेट में बतौर कप्तान 98 मैचों में कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली है जिसमें से सिर्फ 27 मैच में ही भारत को जीत हासिल हुई है । एक कप्तान के रूप में सचिन तेंदुलकर को सबसे बड़ी हार वेस्टइंडीज की टीम से वेस्टइंडीज में 1997 में मिली थी । यह मैच 1997 में बारबाडोस में खेला गया टेस्ट मैच था ।

भारतीय टीम को जीत के लिए 120 रन बनाने थे । लेकिन भारतीय टीम मात्र 39 रन से  हार गई थी । उस मैच में एक मात्र खिलाड़ी वी वी इस लक्ष्मण का ही स्कॉर दहाई के अंक में पहुँच पाया था। उस मैच में मिली हार के बाद सचिन तेंदुलकर अपने साथी खिलाड़ियों  के प्रदर्शन पर बेहद गुस्सा थे।

उस टीम में सौरभ गांगुली में खेल रहे थे औरनये नये शामिल हुये थे और जब सौरव गांगुली सचिन का गुस्सा शांत कराने के लिए उनके कमरे में गए तब सचिन ने कहा अगले दिन उन्हें दौड़ने के लिये कहा ।

लेकिन सौरभ गांगुली तब फील्ड पर नजर ही नहीं आए, जिसके बाद गांगुली के इस बर्ताव से सचिन तेंदुलकर बेहद नाराज हो गए थे और उन्होंने सौरभ गांगुली को धमकी दी कि वह उनका कैरियर खत्म कर डालेंगे ।

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हालांकि उस मैच में मिली हार के बाद काफी बदलाव हुआ । सचिन तेंदुलकर ड्रेसिंग रूम में गए और अपने सभी खिलाड़ियों को नसीहत देते हुए कहा कि वह खुद पर विश्वास करते हुए खेलें । उस दौरान सौरव गांगुली टीम में नए-नए शामिल हुए थे ।

आज सौरभ गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष के पद पर हैं और भारतीय टीम को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है ।
आज सौरभ गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष के पद पर हैं और भारतीय टीम को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है ।

सचिन सौरव गांगुली के रूम में जाकर कहे कि आप कल सुबह दौड़ने के लिए आ जाएं लेकिन सौरव गांगुली अगली सुबह दौड़ने के लिए नहीं गए थे । तब सचिन ने गुस्से में कहा कि वह उन्हें घर भेज देंगे और उनका क्रिकेट का कैरियर समाप्त कर देंगे ।

हालांकि उसके बाद सौरव गांगुली ने खुद से वादा किया कि वह ऐसा कभी कोई मौका नहीं देगे जिससे सचिन उनसे नाराज हो । ये बात खेल पत्रकार विक्रांत गुप्ता ने स्पोर्ट्स टीवी पर इंटरव्यू में कही है।

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बाद में सौरभ गांगुली भारतीय टीम के कप्तान बन गए और भारतीय टीम को नया रूप देने में सौरव गांगुली का बहुत योगदान रहा है । सौरभ गांगुली एक आक्रामक कप्तान थे । आज सौरभ गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष के पद पर हैं और भारतीय टीम को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है ।

भारतीय टीम में सौरभ गांगुली को एक नाम “दादा” का मिला क्योकि वो पश्चिम बंगाल के कोलकाता से संबंधित थे । तो लोग उन्हें दादा के नाम से भी बुलाने लगे।

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