क्या आप सही पोजीशन में सोते हैं ? जाने सोने की सही पोजीशन

क्या आप सही पोजीशन में सोते हैं ? जाने सोने की सही पोजीशन !

हम में से बहुत बार लोग सोने के बाद भी थकान महसूस करते हैं ! करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें रात को सही से नींद नहीं आती है । आमतौर पर माना जाता है कि तनाव और शांति ना होने की वजह से नींद प्रभावित होती है । लेकिन इस सबके बीच हमें यह नहीं पता होता है कि सोने की सही पोजीशन क्या है ? सही स्लीपिंग पोजिशन ना होने का असर भी नींद पर पड़ता है और सो कर उठने के बाद भी थकान महसूस होती है या शरीर में दर्द सा महसूस होता है ।

चलिए जानते हैं शरीर और सेहत के लिहाज से सोने की सही और गलत पोजीशन के बारे मे :-

पीठ के बल सोना :- पीठ के बल सोने का मतलब है सर को ऊपर रखकर सोना । इस पोजीशन को शरीर के स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा माना जाता है क्योंकि पीठ के बल सोने से शरीर के सभी अंगों पर बाहर समान रूप से भार पड़ता है । इससे हड्डियां और मांसपेशियां सबसे अच्छी पोजीशन में होते हैं और सीधी होती हैं । एक्सपोर्ट के अनुसार सोते वक्त शरीर की कोई भी अंग दबे नहीं होनी चाहिए । इसलिए सोने के दौरान बीच-बीच में करवट बदलकर और शरीर को हिला डाला कर शरीर में ब्लड सरकुलेशन को सही रखा जाता है ।

बाएं करवट सोना :- बहुत सारे लोगों को बांए करवट लेकर सोना अच्छा लगता है । अगर करवट लेकर सोना है तो हमेशा बाई तरफ करवट लेकर सोना चाहिए । इसे शरीर के लिए अच्छी मानी जाती है और ज्यादातर लोगों को इस पोजीशन में काफी आराम महसूस होता है । इसके अलावा बाएं हिस्से में ही हृदय और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम मौजूद होता है इसलिए अगर बांई करवट सोया जाए तो इन अंगों पर दबाव नहीं पाता है सारा भार बिस्तर पर रहता है । इसलिए इस पोजीशन को अच्छा माना जाता है ।

दाई करवट सोना :- दाई करवट सोने को बुरा नहीं कहा जा सकता है । लेकिन दाएं करवट सोने से शरीर में ब्लड सरकुलेशन पर जोर पड़ता है । इसलिए अगर ज्यादा देर तक बांई करवट सोया जाए तो ब्लड सरकुलेशन प्रभावित हो सकता है साथ ही इससे फेफड़े पर भी दबाव पड़ता है । इसलिए दाहिने तरफ करवट करके थोड़ी देर सो जा सकता है बहुत ज्यादा देर नहीं । लेकिन हार्टबर्न और सीने में जलन तथा एसिडिटी की शिकायत जिन लोगों को होती है, उसके अलावा प्रेग्नेंट औरतों को दाहिने करवट सोने के लिए मना किया जाता है।

एक पैर ऊपर करके सोना :- पेट के बल लेट कर एक पैर को दूसरे पैर पर कर के सोना सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है क्योंकि इससे पेड़ू पर भी काफी ज्यादा जोर पड़ता है और एक पैर के ऊपर दूसरा पैर रखकर सोने से दिल को ब्लड पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी होती है । इसलिए इस तरह से नहीं सोना चाहिए । हालांकि पीठ और कमर दर्द की स्थिति में इस तरह से सोया जा सकता है लेकिन ज्यादा लंबे समय तक इस तरह सोने से फर्टिलिटी ओर बुरा असर पड़ता है ।

पेट के बल सोना :- पेट के बल सोने को सबसे गलत पोजीशन कहा जाता है क्योंकि पेट के बल सोने पर मुंह और हाथ नीचे की तरफ होते हैं और शरीर के भार से सारे अंग नीचे दब जाते हैं और इससे शरीर को अपने कार्य करने में बाधा आती है । इस पोजीशन में सोने से शरीर में दर्द और दूसरी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकते हैं ।

तो आज से ही सतर्क हो जाएं और अपने सोने की पोजीशन पर ध्यान दें और उसे जरूरत के अनुसार सही कर ले ।

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