राज कपूर से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

राज कपूर से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

हिंदी सिनेमा में शो मैन के नाम से मशहूर अभिनेता और आरके स्टूडियो के संस्थापक राज कपूर की आज पुण्यतिथि है। राज कपूर अभिनेता होने के साथ ही निर्माता और फिल्म निर्देशक भी थे। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और ग्यारह फिल्म फेयर अवार्ड से नवाजा गया था। राज कपूर को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

राज कपूर का जन्म वर्तमान के पाकिस्तान के पेशावर में एक हिंदू पंजाबी परिवार में हुआ था। इनके पिता पृथ्वीराज कपूर भी महान अभिनेता होने के साथ ही हिंदी सिनेमा के पितामह भी कहे जाते हैं। उन्हीं के नाम पर दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया जाता है।

कपूर खानदान शुरू से ही हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज कपूर अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के सबसे बड़े बेटे थे। शम्मी कपूर और शशि कपूर राज कपूर के ही बेटे हैं। राज कपूर के पिता ने अपने बच्चों को ज्यादा मेहनत के महत्व को समझाया था।

इसलिए राज कपूर बचपन से ही अपने पिता के साथ बतौर सहायक काम करते थे और उनके पिता उन्हें इसके लिए हर महीने रु. 201 महीने तनख्वाह के रूप में देते थे। राज कपूर ने फ़िल्म निर्माता केदार शर्मा की फिल्म “नील कमल” से बतौर हीरो 1947 में डेब्यू किया था जिसमें उन्होंने मधुबाला के साथ फिल्म किया। इसके बाद इसी साल चितचोर, दिल की रानी, जैसी फिल्मों में भी उन्होंने काम किया।

इसी के बाद 1948 में राज कपूर ने आरके फिल्म्स स्टूडियो की स्थापना की और उनके बैनर के तले पहली फिल्म ‘आग’ बनाइ और वह इसी के साथ सबसे कम उम्र के फिल्म निर्देशक बन गए थे। राज कपूर की फिल्म ‘आवारा’ न सिर्फ भारत में बल्कि रूस, तुर्की, अफगानिस्तान और चीन में भी खूब प्रसिद्ध हुई और इसका गाना ‘आवारा हूं…’ हर किसी पर सुरूर बन के छा गया था।

उस समय में रूस के लोग भारत के सिर्फ दो व्यक्तियों के नाम ही जानते थे, पहला नाम था – भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और दूसरा नाम था – राज कपूर साहब का।

1954 में सामाजिक सरकार पर आधारित राज कपूर की फ़िल्म आई थी ‘बूट पॉलिश’ जिसमें राज कपूर ने लीड रोल नहीं आया था लेकिन उन्हें फिल्म फेयर का दिया गया था। उसके बाद 1956 में एक और फिल्म बनी ‘जागते रहो’ इस फिल्म की खास बात यह थी कि यह पूरी फिल्म रात में शूट की गई थी।

राज कपूर अपनी पत्नी कृष्णा के साथ
राज कपूर अपनी पत्नी कृष्णा के साथ

राज कपूर ने 1970 में अपने ही जीवन पर एक फिल्म बनाई ‘मेरा नाम जोकर’ जिसके निर्माता और निर्देशक वे खुद थे। इस फिल्म को बनाने में राज कपूर को करीब 6 साल लगे थे और इसमें उनके पुत्र ऋषि कपूर उनके बचपन का किरदार निभाए थे। 1971 में राज कपूर ने एक फिल्म बनाई है ‘कल आज कल’,  इस फिल्म में कपूर खानदान की तीन पीढ़ियों को एक साथ दिखाया गया है।

यह भी पढ़ें : क्या अमिताभ बच्चन फिल्मों से जल्द ही रिटायरमेंट लेने वाले है ..!!

राज कपूर अस्थमा से पीड़ित थे और 63 साल की उम्र में 1988 में इस दुनिया को छोड़ कर चले गए। राज कपूर जब अपना ‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार’ लेने गए थे तब उन्हें स्टेज पर अस्थमा का दौरा आया था जिसके बाद में अस्पताल में भर्ती हुए और 2 जून 1988 को उनकी मृत्यु हो गई।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *