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Thursday, January 21, 2021

आइये जाने दुनियाभर में कोरोना वायरस वैक्सीन की क्या है स्थिति

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कोरोना वायरस का दुनियाभर में प्रसार काफी तेज हो गया है। दुनियाभर में कोरोना वायरस के लिए दवा और वैक्सीन खोजने में वैज्ञानिक दिन रात लगे हुए हैं। हर किसी को वैक्सीन का इंतजार है।

इसके लिए दुनिया के कई देश प्रयास कर रहे हैं। भारत समेत दुनिया के कई देश जैसे चीन, अमेरिका, ब्रिटेन में ट्रायल हो रहा है, जिसके कई जगह से अच्छे परिणाम की खबरें मिली हैं। भारत में चार वैक्सीन के शुरुआती परिणाम काफी अच्छे रहे हैं।

अब इनका ट्रायल एडवांस स्टेज पर हो रहा है। चीन इटली अमेरिका और ब्रिटेन में भी ट्रायल में अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। आने वाले दिनों में जल्दी खुशखबरी मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं दुनियाभर में वैक्सीन की क्या स्थिति है-

भारत

भारत के स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने 28 मई को मीडिया में बताया कि देश में कोरोनावायरस के लिए वैक्सीन बनाने में 14 कंपनियां काम कर रही हैं जिसमें चार कंपनियों के द्वारा बनाई गई वैक्सीन का प्रीक्लिनिकल ट्रायल अब एडवांस स्टेज में पहुंच गया है।

इसके अलावा कुछ कम्पनियों को बायोटेक्नोलॉजी विभाग से फंड की सिफारिश हो रही है। पुणे के सिरम इंस्टीट्यूट के निर्देशक डॉ सुरेंद्र ने बताया कि उनकी कंपनी द्वारा बनाए जा रही वैक्सीन 5 तरीकों पर काम कर रही है।

बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड भी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर भारत में वैक्सीन बना रही है जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है। बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के सीईओ डॉक्टर कृष्ण मोहन एला जो कि खुद भी एक वैज्ञानिक है उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी द्वारा जो वैक्सीन बनाई जा रही है उसके नतीजे अच्छे है और आने वाला एक महीना बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने उम्मीद जताई है कि उनकी वैक्सीन कोरोना वायरस से लड़ने के लिए शरीर में प्रतिरोधक प्रणाली को विकसित करने में मदद करेगी।

अमेरिका

अमेरिका के बोस्टन में स्थित बायोटेक कंपनी मॉडर्ना भी एक वैक्सीन का ट्रायल कर रही है, मई के तीसरे हफ्ते में इस वैक्सीन के पहले ट्रायल की अच्छी खबर आई थी। इससे शरीर में इम्यूनिटी में वृद्धि हुई है और इसके साइड इफेक्ट बेहद मामूली रहे।

इस कंपनी का कहना है कि उसकी वैक्सीन दूसरे ट्रायल स्टेज में है और अब 600लोगों पर अलग-अलग डोज देकर इस वैक्सीन का टेस्ट किया जाएगा। उसके बाद तीसरे चरण के लिए तीन हजार लोगों पर इसका ट्रायल जुलाई तक होगा।

अमेरिका में मॉडर्ना के अलावा अमेरिका की EpiVax और नीदरलैंड की कम्पनी Intravacc भी वैक्सीन बनाने में लगी हुई है जिसका सितम्बर में क्लीनिक ट्रायल होने की संभावना है। अमेरिका की कम्पनी Pfizer और जर्मनी की Biontech ने मिल कर दावा किया है कि वह अक्टूबर में वैक्सीन बना लेगी।

अमेरिकी सेना के एक कर्नल ने कहा है कि साल के अंत तक अमेरिका के कई हिस्सों में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।

यह भी पढ़ें : इस तरह से खत्म होगा कोरोना वायरस महामारी

चीन

चीन की सरकार ने उम्मीद जताई है कि साल 2020 के आखिर तक वह कोरोनावायरस की वैक्सीन बाजार में ला देगा। चीन की राजधानी बीजिंग में स्थित बायोटेक कंपनी सिनोवेक इस दिशा में काम कर रही है और उसे काफी सफलता मिली है। इस कंपनी ने वैक्सीन का 100 मिलियन डोज तैयार करने का लक्ष्य रखा है और दावा किया है कि यह वैक्सीन 99 फ़ीसदी सफल होगी लेकिन उसे ट्रायल के लिए मरीज नहीं मिल रहे हैं क्योंकि चीन में कोरोना वायरस पूरी तरीके से नियंत्रण में आ गया है। इसके लिए यह कंपनी ब्रिटेन से संपर्क बना रही है।

दुनियाभर में कोरोना वायरस के लिए दवा और वैक्सीन खोजने में वैज्ञानिक दिन रात लगे हुए हैं।
दुनियाभर में कोरोना वायरस के लिए दवा और वैक्सीन खोजने में वैज्ञानिक दिन रात लगे हुए हैं।

रूस

रूस में बनाई जा रही वैक्सीन प्रीक्लिनिकल ट्रायल पूरा कर ली है। रूस के सेना ने इसके लिए कई वॉलिंटियर्स वैक्सीन को ट्रायल के लिए चुने हैं। बता दे रूस में 47 वैक्सीन का अलग-अलग स्टेज में ट्रायल हो रहा है।

यह भी पढ़ें : आयुर्वेदिक दवाओं से होगा कोरोना वायरस का इलाज

ब्रिटेन

ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बनाई जा रही वैक्सीन का सकारात्मक परिणाम आया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जो वैक्सीन बनाई जा रही है उसका क्लीनिकल ट्रायल का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है। गर्मी का मौसम खत्म होने के बाद वहां पर वैक्सीन के डोज तैयार होने की संभावना है।

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