क्या यूपीआई के जरिए होने वाला लेनदेन नए साल (2021) से महंगा हो चुका है?

क्या यूपीआई के जरिए होने वाला लेनदेन नए साल (2021) से महंगा हो चुका है?

क्या यूपीआई के जरिए होने वाला लेनदेन नए साल (2021) से महंगा हो चुका है?

भारत में नोटबंदी के बाद से तेजी से डिजिटल लेनदेन में इजाफा देखने को मिला है। खास करके लॉक डाउन में भारतीयों में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ा है।

कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत सरकार और भारत का केंद्रीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह से इसे प्रोत्साहित किया है।

साल 2021 में डिजिटल लेनदेन 4 गुना ज्यादा बढ़ जाने की संभावना है। भारत में डिजिटल लेनदेन के लिए ज्यादातर लोग यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस – UPI) का इस्तेमाल कर रहे है।

अभी पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबर आ रही है कि नए साल (2021) से यूपीआई(UPI) के जरिए होने वाला लेनदेन महंगा हो जाएगा ।

लोग यह भी कह रहे थे कि यूपीआई के जरिए अगर कोई ग्राहक भुगतान करता है तब उसे अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ेगा, यानी कि अगर कोई व्यक्ति किसी थर्ड पार्टी ऐप का इस्तेमाल करके यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट करता है तब उसे इसके लिए कुछ निश्चित धनराशि को शुल्क के रूप में चुकाना होगा, लेकिन हम आपको बता दें यह खबर महज अफवाह है और गलत है।

यूपीआई के जरिए होने वाले लेनदेन पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नही देना पड़ रहा है।

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से पैसे का लेंन देंन बिलकुल फ्री होगा ऐसा नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) का कहना है।

एनपीसीआई अपने बयान में साफ कहा है कि नए साल से यूपीआई के जरिए चाहे पैसा भेजना हो या फिर प्राप्त करना, इस पर किसी भी प्रकार का शुल्क नही लगाया जाएगा, शुल्क लगाए जाने की खबर सरासर गलत है।

बता दें कि साल 2008 में एनपीसीआई का गठन किया गया था जिससे भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली के लिए विभिन्न संस्थानों को सुविधा प्रदान करने में मदद मिल रही है।

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नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि थर्ड पार्टी ऐप की सेवा देने वाली कंपनियों के भुगतान पर नए साल से 30 फ़ीसदी का कैंप लगाए जाने की बात कही गई है, ऐसा इसलिए किया गया है।

जिससे कोई भी थर्ड पार्टी ऐप के एकाधिकार को रोकने में मदद मिले और यूजर बेस के हिसाब से मिलने वाले विशेष फायदा को रोका जा सके। मतलब कि एनपीसीआई के इस फैसले से यूपीआई ट्रांजैक्शन में किसी भी एक पेमेंट ऐप का एकाधिकार नही रहेगा, बल्कि सभी को बराबर से अधिकार मिलेगा।

यूपीआई क्या है ? :-

यूपीआई का फुल फॉर्म यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस होता है। जिसमें एक अंतर बैंक फंड ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है। इसके जरिए लोग अपने स्मार्टफोन पर मोबाइल नंबर और वर्चुअल आईडी की मदद से पेमेंट कर सकते हैं।

यह इंटरनेट बैंक फंड ट्रांसफर के सिस्टम पर काम करता है और कुछ ही मिनट के अंदर एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसा आसानी से ट्रांसफर हो जाता है। यह बहुत ही यूजर फ्रेंडली है।

एनपीसीआई इस सिस्टम को कंट्रोल कर दी है और यूजर यूपीआई के जरिए बस कुछ ही मिनट में घर बैठे एक जगह से दूसरी जगह बेहद आसानी से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।