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Saturday, January 16, 2021

क्या होता है क्लस्टर बम और इससे क्या नुकसान होता है

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इन दिनों अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच युद्ध चल रहा है और यहां पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों देश एक दूसरे पर बमबारी कर रहे हैं। कई बार ड्रोन से बम गिरा कर भी एक-दूसरे पर हमला किया जा रहा है। ड्रोन हमले में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दोनों देशों के बीच चल रहे इस युद्ध में मरने वालों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। लेकिन इसके बावजूद भी युद्ध के हालात अभी भी सामान्य होते से दिख नही रहे हैं। इसी के साथ दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा भी कर रहे हैं और एक दूसरे को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने की भी बात कर रहे हैं।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच चल रहे युद्ध में किसी भी देश द्वारा दी गई सलाह को नजरअंदाज किया जा रहा है और युद्ध विराम नहीं किया जा रहा है। बीते एक सप्ताह से दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहे हैं और स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती दिख रही है।

अज़रबैजान और आर्मीनिया का कहना है कि दक्षिण के क्षेत्र से इलाके में पिछले 25 सालों में हो रही घातक लड़ाई में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।

बता दें कि पिछले एक सप्ताह से शुरू दोनों देशों के बीच इस युद्ध में कम से कम 200 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसियों से पता चला है कि अज़रबैजान की सेना क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रही है और नागोर्नो काराबाख जैसे रिहायशी इलाकों में भी अजरबैजान की सेना क्लस्टर बम को ड्रोन के जरिए गिरा रही है।

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय समझौते के अनुसार दुनिया में कहीं भी क्लस्टर बम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन यह दोनों ही देश अंतरराष्ट्रीय नियम पर किसी भी प्रकार का हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं और इसलिए यह दोनों देश क्लस्टर बम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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स्थानीय समाचार पत्रों के अनुसार नागोर्नो काराबाख की राजधानी में बीते एक सप्ताह में भीषण बमबारी की गई है। इस बमबारी में क्लस्टर बमों का जमकर इस्तेमाल किया गया है।

बता दें कि इसके पहले साल 2019 में पाकिस्तान ने भारत की सीमा पर गोलाबारी के दौरान भारत पर क्लस्टर बमों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। लेकिन इसके खिलाफ कोई भी पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया था।

Cluster Bomb

दरअसल भारत और पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा पर बिना उकसावे के उस वक्त फायरिंग हो रही थी जब भारतीय सेना ने इसका जवाब देना शुरू किया तब पाकिस्तान यह झूठ फैलाने लगाती भारतीय सुरक्षा बल क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि भारतीय सेना ने इस बात को सिरे से नकार दिया था।

क्या होता है क्लस्टर बम :-

क्लस्टर बम असल में एक खास बम होते हैं जो एक साथ सैकड़ों छोटे-छोटे बम से बनाए जाते हैं और फटने के बाद यह एक बड़े क्षेत्र में फैल जाते हैं जिसमें अधिक से अधिक लोगों के घायल होने और मरने की संभावना बढ़ जाती है।

क्लस्टर बम बेहद खतरनाक और विनाशकारी समझे जाते हैं। इसे बमों का एक गुच्छा भी कहा जाता है। ज्यादातर इसे लड़ाकू विमानों के द्वारा गिराया जाता है लेकिन ड्रोन के विकास के बाद अब ड्रोन के जरिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

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क्लस्टर बम गिराने के बाद अपने भीतर के बमों को गिराने से पहले वह हवा में मिलो तक उड़ सकता है और गिरने के बाद यहां 25 से 30 मीटर के दायरे में फैल का भारी तबाही मचाने की क्षमता रखता है।

आर्मीनिया और अजरबैजान की सेनाओं के बीच बढ़ती लड़ाई से 200 से अधिक लोग मारे गए हैं। यह युद्ध 27 सितंबर से शुरू हुआ था। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अजरबैजान का कहना है कि उसके शहरों पर हमले के बाद यह लड़ाई पाइप लाइन के नजदीक तक पहुंच गई है, जहां से यूरोप को गैस और तेल की आपूर्ति की जाती है।

इसलिए दुनिया के सभी देश चाहते हैं कि यह युद्ध जितनी जल्दी हो सके समाप्त हो जाए। कई देशों के प्रमुख ने भी दोनों देशों को लड़ाई को खत्म करने की बात कही है।

अमेरिका के विदेश मंत्री ने भी गुहार लगाई है कि इस युद्ध को तुरंत से रोका जाना चाहिए। रूस अमेरिका और फ्रांस ने भी आर्मेनिया और अजरबैजान से कहा है कि बिना शर्त संघर्ष विराम कर देना चाहिए।

 

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