क्या आप जानते है इंसानों की उम्र जानवरों से अधिक क्यो होती है
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क्या आप जानते है इंसानों की उम्र जानवरों से अधिक क्यो होती है

मरना तो एक दिन सभी को है फिर चाहे वह इंसान हो या फिर कोई भी जानवर। इंसान हो या जानवर ज्यादा से ज्यादा किसी की उम्र का सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है। सामान्य तौर पर जानवरों की उम्र इंसानों से कम होती है क्योंकि जानवर इंसानों की तुलना में ज्यादा जल्दी बूढ़े होते हैं और मर जाते हैं।

उदाहरण के तौर पर देख सकते हैं – कोई पालतू कुत्ता 10 से 15 साल जी लेता है वही इंसान की जिंदगी औसतन 70 साल की होती है। इस तरह से ऐसा कहा जाता है कि कुत्ता एक साल में ही इंसान की जिंदगी का सात् साल जी लेता है।

हाल में ही हुए एक शोध में कहा गया है कि पालतू कुत्तों की उम्र का सही अंदाजा लगाना आसान नही है। बहुत से अच्छे नस्ल के कुत्ते 20 साल तक जिंदा रहते हैं। सभी नस्ल के कुत्ते की उम्र समान नही होती है। कुत्तों की उम्र ज्यादातर उनकी नस्ल पर निर्भर करती है।

मिसाल के तौर पर हम कह सकते हैं कि छोटे कुत्ते ज्यादा लंबी उम्र जीते हैं वही बड़े कुत्ते कम उम्र जीते हैं। छोटे कुत्ते बड़े कुत्तों की तुलना में धीमी गति से बूढ़े होते हैं।

जैसा कि हम सब जानते हैं कोई भी जानवर हो या फिर इंसान उसके पैदा होने से मरने तक कितना समय वह व्यतीत करता है उसे ही उम्र कहा जाता है। लेकिन उम्र की अपनी एक जैविक परिभाषा होती है, जो की सेहत की गुणवत्ता के आधार पर निर्धारित होती है।

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यानी कि अगर किसी की उम्र 20 साल है लेकिन उसकी सेहत अच्छी नही रहती है तब उसका शरीर जल्दी कमजोर हो जाएगा और उसमें जल्दी बुढ़ापा आ जाएगा। इसके लिए हमेशा फ्रेंडली इंडेक्स का इस्तेमाल किया जाता है।

इसी तरह यदि किसी व्यक्ति की बीमारी और उसके दिन भर के कामकाज का ब्यौरा लिया जाए और समझा जाए तब इसे दो स्तर पर हम बांट सकते हैं पहला है जीन का आधार।

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जीस शरीर में पाया जाने वाला एक विशेष प्रोटीन होता है जो कि उम्र के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग स्तर पर पाया जाता है। दूसरा होता है प्रतिरोधक क्षमता, जो की कोशिकाओं की मात्रा पर निर्भर करता है। जितनी तेजी से जैविक उम्र बढ़ती होती है इंसान की दिनचर्या और मानसिक सेहत पर असर पड़ता है।

उदाहरण के तौर पर यदि कोई सेहतमंद नही है, उसकी दिनचर्या सही नही है, ज्यादा सिगरेट ज्यादा पीता है एक्सरसाइज नही करता तब उसकी जैविक ज्यादा हो जाएगी यानी कि 40 साल की उम्र में 60 साल की उम्र गुजार लेगा।

वही जिसकी दिनचर्या संतुलित है खान-पान भी सही है तो वह 60 साल की उम्र होने पर भी 40 साल की जिंदगी गुजारेगा। ऐसे लोगों की क्वालिटी लाइफ काफी अच्छी होती है।

यही चीज अगर जानवरों की विभिन्न प्रजातियों पर लागू किया जाए और अध्ययन किया जाए तब जैविक उम्र की परिभाषा और उनकी वास्तविक उम्र का अध्ययन किया जा सकता है। लेकिन जैविक उम्र निकलना बेहद मुश्किल काम होता है और लगभग स्तनधारियों के समय के साथ इसमे बदलाव होता रहता है।

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बता दे डीएनए मिथाइलेशन के जरिए सही उम्र का अंदाजा लगाने में मदद तो मिलती है। लेकिन यह एक जैविक प्रक्रिया होती है जिसमें कई सारे मिथाइल ग्रुप जुड़े होते हैं जैसे कि एक कार्बन आइटम के साथ तीन हाइड्रोजन आइटम जुड़े होते हैं ऐसे ही मिथाइल के क्रम में अगर छेड़छाड़ के बिना उसे प्रभावित कर सकते हैं तो कई अलग-अलग प्रजातियों में कई तरह के शारीरिक विकास एक तरह से पाए जाते हैं।

वैज्ञानिकों ने इंसानों और कुत्ते की मिथाइलेशन स्तर का मिलान करते हुए एक फार्मूला तैयार किया है जिसके जरिए कुत्तों की सही उम्र का अंदाजा लगाया जाना संभव हुआ है।

कुत्ते जिस तेजी से अपने माध्यम उम्र में पहुंचते हैं और  ऐसा माना जाता है कि कुत्ते जिंदगी का पहला साल इंसान की जिंदगी के 31 साल के बराबर जी लेता है। इसके बाद कुत्तों की उम्र  इंसानों की उम्र की डबल हो जाती है यानी कि अगर इंसान की उम्र 8 साल है तब वह कुत्ते की उम्र के लिए 3 गुणा होती हैं।

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