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Thursday, March 4, 2021

आइए जानते हैं भारतीय संविधान की मूल प्रति क्यों रखी गई है गैस चेंबर में

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26 जनवरी 2021 को भारत अपना 72 वाँ Republic Day ( गणतंत्र दिवस ) मनाने जा रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा इंडिया गेट पर झंडा फहराया जाता है और सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया जाता है।

इसके बाद तिरंगे को सलामी देने की प्रक्रिया होती है। Republic Day के मौके को पूरे देश में राष्ट्रीय पर्व के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

भारत के लगभग प्रत्येक नागरिक को पता है कि 26 जनवरी को Republic Day  के रूप में मनाया जाता है। लेकिन बहुत कम लोगों को ही मालूम होगा कि भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को ही पूर्ण हो गया था और उसे आंशिक रूप से उस दिन लागू कर दिया गया था।

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लेकिन संविधान को 26 जनवरी 1950 को ही पूर्ण लागू किया गया था। लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को ही क्यों लागू किया और Indian Constitution की मूल प्रति को नाइट्रोजन गैस के चेंबर में क्यों रखा जाता है? इसके जवाब बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं। आज हम इन्हीं प्रश्नों का जवाब जानेंगे –

  • मालूम हो कि भारत दुनिया का पहला देश है जिसके पास सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
  • भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 को इसलिए लागू किया गया क्योंकि इसी दिन 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत के पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी।
  • इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए 26 जनवरी 1950 को Indian Constitution को पूर्ण रूप से देशभर में लागू कर दिया गया, जबकि हमारा संविधान 26 नवंबर 1949 को ही तैयार हो गया था।
  • दुनिया में Indian Constitution एक ऐसा संविधान है जो हाथ से बने कागज पर लिखा गया है। भारतीय संविधान के हर पन्ने पर सोने की पत्तियों वाली फ्रेम बनाई गई है। हर अध्याय के प्रारंभिक पृष्ठ पर एक विशेष कलाकृति बनाई गई है।
  • Indian Constitution की मूल प्रति को फ्लेनाल के कपड़े में लपेटकर एक बॉक्स में रखा गया था। लेकिन बाद में जब इसकी जांच की गई तो पाया गया कि संविधान की मूल प्रति यहां पर सुरक्षित नही है। तब 1994 में संसद भवन के पुस्तकालय में इसे वैज्ञानिक विधि से तैयार गैस के चेंबर में सुरक्षित रखा गया।
  • इसे सुरक्षित रखने के लिए ऐसे गैस की आवश्यकता थी जो कागज के साथ किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया न करें। क्योंकि भारतीय संविधान काली स्याही से लिखा गया है ऐसे में इसके उड़ जाने अर्थात एक्सीडेटेड हो जाने की संभावना थी। इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए नाइट्रोजन गैस सबसे उपयुक्त पाई गई।
  • चैंबर मे आवश्यक नमी को बरकरार रखने के लिए गैस मॉनिटर लगाए गए हैं। प्रत्येक 2 महीने पर संविधान की मूल प्रति की जांच होती है।
  • सीसीटीवी कैमरे के द्वारा हर पल संविधान के मूल प्रति की निगरानी की जाती है।
  • चेंबर को नमी से बचाने के लिए 50 ग्राम प्रति घन मीटर नमी की आवश्यकता थी। इसके लिए एयरटाइट चेंबर बनाया गया।

Indian Constitution

Indian Constitution से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बाते

  1. 1948 की शुरुआत में भारतीय संविधान के जनक कहे जाने वाले Dr. Bhimrao Ambedkar  ( डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ) ने संविधान का मसौदा तैयार करके संविधान सभा में प्रस्तुत किया था।
  2.  नवंबर 1949 को इस मसौदे में संशोधन करके अपना लिया गया था।
  3. भारतीय संविधान को 26 नवंबर 1949 को आंशिक रूप से लागू कर दिया गया था।
  4.  माननीय सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को इस संविधान पर अपने हस्ताक्षर कर दिये। मालूम हो कि इस पर कुल 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं।बताया जाता है कि जब संविधान पर हस्ताक्षर किया जा रहा था उस दिन बाहर हल्की हल्की बारिश हो रही थी जिसे एक अच्छा शगुन माना गया था
  5. 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के बाद संविधान सभा की घोषणा की गई थी।
  6.  संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1947 को हुई थी और इस तरह से इस दिन से संविधान बनने की प्रक्रिया आरंभ हुई।
  7.  संविधान सभा के सभी सदस्य भारत के विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं से निर्वाचित सदस्य थे।
  8.  संविधान सभा के प्रमुख सदस्य डॉ भीमराव अंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे नेता थे।
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